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कोल इंडिया की MCL IPO की राह पर, निवेशकों के लिए बड़ी खबर

Ratna Netam
4 Aug 2026 8:28 PM IST
कोल इंडिया की MCL IPO की राह पर, निवेशकों के लिए बड़ी खबर
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नई दिल्ली : भारत के आईपीओ बाजार में जल्द ही एक और बड़ा सार्वजनिक निर्गम (IPO) देखने को मिल सकता है। सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) की प्रमुख सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (Mahanadi Coalfields Limited-MCL) ने अपने प्रस्तावित आईपीओ की तैयारियां तेज कर दी हैं। जानकारी के अनुसार, कंपनी ने इस बड़े इश्यू के लिए पांच प्रमुख मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति कर दी है। बाजार सूत्रों का मानना है कि यह आईपीओ करीब 10,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, हालांकि अंतिम आकार 8,000 करोड़ रुपये से 15,000 करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स और बैंक ऑफ बड़ौदा कैपिटल मार्केट्स को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है। बताया जा रहा है कि एसबीआई कैपिटल मार्केट्स इस पूरी प्रक्रिया में लीड मैनेजर की भूमिका निभाएगी। मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के साथ ही आईपीओ की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से गति मिल गई है।
फिलहाल कंपनी के वैल्यूएशन और इश्यू के अंतिम आकार को लेकर चर्चा शुरुआती चरण में है। हालांकि बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े आईपीओ में से एक साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। यानी नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे, बल्कि कोल इंडिया अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का एक हिस्सा निवेशकों को बेचेगी। इससे मिलने वाली राशि सीधे कोल इंडिया को प्राप्त होगी।
कुछ महीने पहले ही कोल इंडिया के निदेशक मंडल ने अपनी दो प्रमुख सहायक कंपनियों—साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL)—में आंशिक हिस्सेदारी बेचने की योजना को मंजूरी दी थी। इसी रणनीति के तहत अब एमसीएल के आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कंपनी का उद्देश्य अपनी सहायक इकाइयों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कर उनकी बाजार हिस्सेदारी और मूल्यांकन को बढ़ाना है।
कोल इंडिया की योजना के अनुसार, एसईसीएल में 35 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने का भी प्रस्ताव है। इसमें 25 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेची जाएगी, जबकि 10 प्रतिशत तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया एक या एक से अधिक चरणों में पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि एमसीएल के बाद एसईसीएल की लिस्टिंग को लेकर भी तेजी देखने को मिल सकती है।
दरअसल, कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को अपनी लाभकारी सहायक कंपनियों की लिस्टिंग प्रक्रिया में तेजी लाने की सलाह दी थी। मंत्रालय का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की मजबूत कंपनियों को पूंजी बाजार से जोड़ने से पारदर्शिता बढ़ेगी, निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे और कंपनियों के संचालन में अधिक दक्षता आएगी। इसी सलाह के बाद कोल इंडिया ने अपनी प्रमुख सहायक कंपनियों की लिस्टिंग की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किए।
महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड एक 'मिनीरत्न' श्रेणी की सरकारी कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1992 में कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में की गई थी। कंपनी का गठन ओडिशा क्षेत्र में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खनन परिसंपत्तियों और देनदारियों का पुनर्गठन कर किया गया था। वर्तमान में एमसीएल देश की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कोयला उत्पादक कंपनियों में शामिल है।
एमसीएल का मुख्य कारोबार कोयले का खनन और उत्पादन है। कंपनी के प्रमुख ग्राहक बिजली उत्पादन, इस्पात, सीमेंट और अन्य भारी उद्योगों से जुड़े सार्वजनिक और निजी उपक्रम हैं। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में एमसीएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसका उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आईपीओ तय समय पर आता है तो सरकारी क्षेत्र के आईपीओ में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, स्थिर कारोबार और कोल इंडिया के समर्थन के कारण एमसीएल का आईपीओ निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। हालांकि निवेशकों को अंतिम निर्णय लेने से पहले कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP), वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और जोखिम कारकों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना चाहिए।
एमसीएल के आईपीओ की तैयारियों ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले महीनों में भारतीय पूंजी बाजार में एक और बड़ा सरकारी इश्यू दस्तक देने वाला है। यदि यह योजना सफल रहती है तो यह न केवल कोल इंडिया के विनिवेश कार्यक्रम को गति देगी, बल्कि भारतीय आईपीओ बाजार को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
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