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सीएनजी में सामान की जगह किसमें ज्यादा?
नई दिल्ली: सीएनजी गाड़ी खरीदते समय माइलेज के साथ सामान रखने की जगह भी महत्वपूर्ण होती है। सिलेंडर के कारण डिग्गी में कम जगह बचने की समस्या को कंपनियां अलग-अलग तकनीकों से हल कर रही हैं। मारुति सुजुकी ब्रेजा एस-सीएनजी, टाटा नेक्सन आईसीएनजी और महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ जेडएनजी की तुलना में ब्रेजा सबसे ज्यादा बूट स्पेस देती है।
ब्रेजा एस-सीएनजी में 328 लीटर बूट स्पेस मिलता है। इसके मुकाबले नेक्सन आईसीएनजी में 321 लीटर और एक्सयूवी 3एक्सओ जेडएनजी में 270 लीटर जगह उपलब्ध है। यानी इन तीन मॉडलों में ब्रेजा का बूट नेक्सन से सात लीटर और महिंद्रा के मॉडल से 58 लीटर बड़ा है।
सीएनजी मॉडल बूट स्पेस दावा किया गया माइलेज
मारुति सुजुकी ब्रेजा एस-सीएनजी 328 लीटर 26.9 किमी/किग्रा
टाटा नेक्सन आईसीएनजी 321 लीटर 24 किमी/किग्रा
महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ जेडएनजी 270 लीटर 24.7 किमी/किग्रा
तुलना इन तीन मॉडलों तक सीमित है। माइलेज के आंकड़े दावे पर आधारित हैं।
ब्रेजा में सीएनजी टैंक को सामान रखने वाले हिस्से के बजाय गाड़ी की बॉडी के नीचे लगाया गया है। इससे डिग्गी में सिलेंडर का बड़ा उभार नहीं आता और सामान के लिए जगह बचती है। इसका घोषित सीएनजी माइलेज 26.9 किलोमीटर प्रति किलोग्राम है, जिसे सामान्य तौर पर करीब 27 किलोमीटर कहा जा सकता है। यहां माइलेज की इकाई किलोमीटर प्रति किलोग्राम है।
टाटा नेक्सन आईसीएनजी में ट्विन-सिलेंडर तकनीक मिलती है। इसमें दो सिलेंडरों को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि उनके ऊपर सामान रखा जा सके। कंपनी के ब्रोशर में सीएनजी संस्करण का बूट स्पेस 321 लीटर दिया गया है। ब्रेजा से इसका अंतर केवल सात लीटर है।
महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ जेडएनजी में भी ट्विन-सिलेंडर व्यवस्था है। इसका बूट स्पेस 270 लीटर है। इसलिए केवल डिग्गी की घोषित क्षमता को आधार बनाएं तो यह इस तुलना में तीसरे स्थान पर आती है। हालांकि, बैग रखने की वास्तविक सुविधा बूट के आकार, ऊंचाई और सामान के प्रकार पर भी निर्भर करती है।
इन तीन विकल्पों में बूट स्पेस और घोषित माइलेज, दोनों में ब्रेजा आगे है। वास्तविक माइलेज ट्रैफिक, ड्राइविंग शैली, यात्रियों के वजन और एसी के इस्तेमाल के अनुसार बदल सकता है।
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