
मुंबई। ज्वेलरी और कीमती सामान के कारोबार से जुड़े जोखिमों के बीच इंश्योरेंस की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। प्रमुख इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर, रिस्क मैनेजर और री-इंश्योरेंस ब्रोकर अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ज्वेलरी और कीमती सामान यानी specie इंश्योरेंस से जुड़े 32.26 करोड़ रुपये के क्लेम का निपटारा किया है। कंपनी के मुताबिक, इन क्लेम का भुगतान कुल 162 मामलों में किया गया।
इन मामलों में ज्वेलरी कारोबार से जुड़े अलग-अलग वर्गों के ग्राहक शामिल थे। इनमें संगठित ज्वेलरी चेन, थोक कारोबारी, निर्यातक, निर्माता, खुदरा विक्रेता, बुलियन डीलर, गोल्ड लोन से जुड़ी संस्थाएं और व्यक्तिगत ग्राहक शामिल रहे। क्लेम के आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं और रत्नों से जुड़े कारोबार में कई तरह के जोखिम मौजूद हैं, जिनसे सुरक्षा के लिए बीमा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कर्मचारियों और कारीगरों की बेईमानी सबसे बड़ी श्रेणी
कंपनी के अनुसार, क्लेम की संख्या और भुगतान की गई राशि, दोनों के लिहाज से कर्मचारियों या कारीगरों की बेईमानी से जुड़े मामले सबसे बड़ी श्रेणी रहे। ज्वेलरी कारोबार में सोना, हीरे, कीमती पत्थर और तैयार आभूषण बड़ी मात्रा में कर्मचारियों और कारीगरों की निगरानी में रहते हैं। ऐसे में आंतरिक स्तर पर होने वाली धोखाधड़ी या बेईमानी कारोबारियों के लिए बड़ा वित्तीय जोखिम बन सकती है।
कारीगरों और कर्मचारियों को उत्पादन, मरम्मत, डिजाइनिंग, स्टॉक हैंडलिंग और अन्य प्रक्रियाओं में कीमती सामान तक पहुंच होती है। इस वजह से इस क्षेत्र में केवल चोरी या बाहरी नुकसान ही नहीं, बल्कि आंतरिक जोखिमों से सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स द्वारा निपटाए गए क्लेम में इसी श्रेणी का बड़ा हिस्सा होना ज्वेलरी कारोबार में आंतरिक जोखिम प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
162 मामलों में किया गया क्लेम सेटलमेंट
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने कुल 162 मामलों में 32.26 करोड़ रुपये के क्लेम का निपटारा किया। इन मामलों में कारोबार के अलग-अलग स्तरों से जुड़े ग्राहक शामिल रहे।
ज्वेलरी चेन और रिटेलर से लेकर निर्माता, निर्यातक और बुलियन डीलर तक के कारोबार में कीमती सामान की बड़ी मात्रा में आवाजाही होती है। इसके अलावा गोल्ड लोन कारोबार में भी ग्राहकों द्वारा गिरवी रखा गया सोना सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे कारोबारों में स्टॉक की सुरक्षा, परिवहन, भंडारण और कर्मचारियों की पहुंच जैसे कई जोखिम जुड़े होते हैं। किसी घटना के कारण कीमती सामान को नुकसान पहुंचने या उसके गायब होने पर होने वाली वित्तीय क्षति काफी बड़ी हो सकती है।
सोने और हीरे की बढ़ती कीमत से बढ़ा जोखिम
अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स के को-ओनर और डिविजनल डायरेक्टर कुश शाह ने कहा कि ज्वेलरी और कीमती सामान का इंश्योरेंस एक विशेष क्षेत्र है, जिसमें काफी संभावनाएं हैं और इसकी जरूरत हर साल बढ़ती जा रही है।
उनके मुताबिक, सोने, हीरे और कीमती पत्थरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण कारोबारियों के पास मौजूद स्टॉक का मूल्य भी बढ़ रहा है। ऐसे में इंश्योरेंस केवल महंगे स्टॉक की सुरक्षा का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि कारोबार को लगातार संचालित रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कीमती सामान का बीमा किसी कारोबारी को अप्रत्याशित वित्तीय नुकसान की स्थिति में सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इससे किसी बड़ी घटना के बाद कारोबार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
कारोबार के लिए जोखिम प्रबंधन जरूरी
ज्वेलरी कारोबार में स्टॉक की कीमत अधिक होने के कारण जोखिम प्रबंधन का महत्व सामान्य कारोबारों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। एक ही स्थान पर बड़ी मात्रा में सोना, हीरे और अन्य कीमती सामान मौजूद होने से संभावित नुकसान का आकार भी बड़ा हो जाता है।
इसके अलावा कीमती सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के दौरान भी जोखिम में रहता है। ज्वेलरी निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और निर्यातकों के लिए परिवहन के दौरान स्टॉक की सुरक्षा एक अहम विषय है। इसी तरह दुकानों और गोदामों में रखे स्टॉक की सुरक्षा के लिए भी उचित बीमा कवर जरूरी हो सकता है।
गोल्ड लोन कारोबार में भी महत्वपूर्ण भूमिका
गोल्ड लोन देने वाली संस्थाओं के लिए भी कीमती सामान का बीमा महत्वपूर्ण है। इस कारोबार में ग्राहकों से सोना गिरवी लेकर उसके बदले ऋण दिया जाता है। जब तक ग्राहक का ऋण पूरी तरह चुकता नहीं होता, तब तक गिरवी रखा गया सोना संबंधित संस्था की जिम्मेदारी में रहता है।
इसलिए चोरी, नुकसान या अन्य अप्रत्याशित घटनाओं से होने वाले वित्तीय जोखिम को कम करने के लिए बीमा सुरक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है। अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स द्वारा निपटाए गए मामलों में गोल्ड लोन से जुड़े ग्राहक भी शामिल रहे हैं।
स्पेसी इंश्योरेंस की बढ़ती जरूरत
Specie insurance मुख्य रूप से नकदी और मूल्यवान वस्तुओं जैसे सोना, चांदी, कीमती पत्थर, आभूषण और अन्य कीमती सामान से जुड़े जोखिमों को कवर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ज्वेलरी उद्योग में इसकी जरूरत विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यहां स्टॉक का मूल्य काफी अधिक होता है।
बाजार में सोने और अन्य कीमती धातुओं की कीमतों में बदलाव के साथ कारोबारियों के स्टॉक का कुल मूल्य भी प्रभावित होता है। ऐसे में पर्याप्त बीमा कवर का महत्व बढ़ जाता है।
बढ़ती कीमतों के बीच सुरक्षा पर जोर
ज्वेलरी उद्योग में कारोबार का विस्तार होने और कीमती धातुओं एवं रत्नों के मूल्य में वृद्धि के साथ जोखिम की वित्तीय लागत भी बढ़ सकती है। किसी कारोबारी के पास करोड़ों रुपये का स्टॉक हो और किसी घटना के कारण उसका एक हिस्सा भी प्रभावित हो जाए तो नुकसान बड़ा हो सकता है।
इसी कारण कारोबारी अब केवल बिक्री और स्टॉक प्रबंधन पर ही नहीं, बल्कि जोखिम प्रबंधन और बीमा सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं।
अलायंस इंश्योरेंस ब्रोकर्स के वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े इसी बदलती जरूरत की ओर संकेत करते हैं। 162 मामलों में ₹32.26 करोड़ के क्लेम का निपटारा यह दर्शाता है कि ज्वेलरी और कीमती सामान के कारोबार में बीमा दावों की वास्तविक जरूरत मौजूद है।
कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि सोने, हीरे और कीमती पत्थरों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ इस क्षेत्र में बीमा की आवश्यकता आगे भी बढ़ती रहेगी। ऐसे में ज्वेलरी कारोबार के लिए बीमा केवल नुकसान की भरपाई का साधन नहीं, बल्कि जोखिम प्रबंधन और कारोबार की निरंतरता बनाए रखने का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।





