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Anthropic का बड़ा आरोप
टेक डेस्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अमेरिका और चीन की कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच नया विवाद सामने आया है। Claude AI विकसित करने वाली अमेरिकी कंपनी Anthropic ने चीन की AI कंपनियों DeepSeek और Moonshot AI समेत कुछ कंपनियों पर फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल कर Claude की क्षमताओं तक बड़े पैमाने पर पहुंच बनाने का आरोप लगाया है। कंपनी का दावा है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य Claude के आउटपुट का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धी AI मॉडल विकसित करने या उन्हें बेहतर बनाने में करना हो सकता है।
Anthropic के मुताबिक इस तरह की गतिविधियों में बड़ी संख्या में अकाउंट्स बनाकर मॉडल को लगातार प्रश्न भेजे जाते हैं और उसके जवाब एकत्र किए जाते हैं। इस प्रक्रिया को AI उद्योग में अक्सर डिस्टिलेशन से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि आरोपों को संबंधित कंपनियों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र प्रमाणों के संदर्भ में देखना जरूरी है।
नकली अकाउंट्स के इस्तेमाल का आरोप
Anthropic का आरोप है कि उसकी सेवाओं पर लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने के लिए कई अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। इससे Claude को बड़ी संख्या में प्रॉम्प्ट भेजकर उसके जवाब हासिल किए जा सकते थे।
कंपनी के अनुसार ऐसे नेटवर्क वास्तविक उपयोगकर्ताओं की तरह दिखाई देने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर हो रही गतिविधि की पहचान मुश्किल हो जाती है। Anthropic का कहना है कि उसने संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के बाद संबंधित अकाउंट्स के खिलाफ कदम उठाए।
क्या है AI मॉडल डिस्टिलेशन?
मॉडल डिस्टिलेशन अपने आप में AI की एक स्थापित तकनीक है। इसमें आम तौर पर एक शक्तिशाली 'टीचर' मॉडल से मिले आउटपुट का इस्तेमाल छोटे 'स्टूडेंट' मॉडल को प्रशिक्षित करने में किया जाता है। सही परिस्थितियों में यह तकनीक वैध रूप से भी इस्तेमाल होती है।
विवाद तब पैदा होता है जब किसी दूसरी कंपनी की सेवा से उसकी अनुमति या शर्तों के विपरीत बड़े पैमाने पर आउटपुट इकट्ठा कर प्रतिस्पर्धी मॉडल को प्रशिक्षित करने का आरोप लगे। Anthropic की चिंता इसी तरह के कथित इस्तेमाल को लेकर है।
DeepSeek और Moonshot पर क्यों टिकी नजर?
चीन की AI कंपनियां हाल के समय में तेजी से शक्तिशाली मॉडल विकसित कर रही हैं। DeepSeek अपने कम लागत वाले और प्रतिस्पर्धी AI मॉडल के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है, जबकि Moonshot AI भी बड़े भाषा मॉडल विकसित करने वाली प्रमुख चीनी कंपनियों में शामिल है।
ऐसे में Anthropic के आरोप AI कंपनियों के बीच डेटा, बौद्धिक संपदा और मॉडल आउटपुट के इस्तेमाल को लेकर नई बहस खड़ी कर सकते हैं।
AI सुरक्षा से भी जुड़ा मामला
Anthropic का तर्क है कि इस तरह बड़े पैमाने पर मॉडल आउटपुट हासिल करने की कोशिश केवल कारोबारी प्रतिस्पर्धा का मामला नहीं है। इससे सुरक्षा नियंत्रण और मॉडल की सुरक्षित सीमाओं को समझने या उनकी नकल करने जैसी चिंताएं भी पैदा हो सकती हैं।
इसी कारण प्रमुख AI कंपनियां असामान्य ट्रैफिक, ऑटोमेटेड अकाउंट्स और बड़े पैमाने पर डेटा निकालने जैसी गतिविधियों की निगरानी बढ़ा रही हैं।
फिलहाल Anthropic के दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित चीनी कंपनियों की विस्तृत प्रतिक्रिया और स्वतंत्र रूप से सत्यापित तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। यह विवाद आने वाले समय में AI मॉडल की सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा मॉडल आउटपुट के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को और सख्त करने की बहस को तेज कर सकता है।
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