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दिल्ली सहित कई शहरों में शुरू हुई सस्ती फ्यूल सुविधा, बड़ी राहत

Triveni
6 Jun 2026 5:16 PM IST
दिल्ली सहित कई शहरों में शुरू हुई सस्ती फ्यूल सुविधा, बड़ी राहत
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वर्तमान में देश भर के पेट्रोल पंपों पर जो सामान्य पेट्रोल मिलता है, वह E20 ग्रेड का होता है,

Business व्यापार: देश के वाहन चालकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। 5 जून, यानी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत में E85 फ्लेक्स-फ्यूल (E85 Flex-Fuel) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल (IOCL) के एक रिटेल आउटलेट से की। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ईंधन खपत और पर्यावरण संरक्षण दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

इस नए ईंधन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत और पर्यावरण अनुकूलता है। E85 फ्लेक्स-फ्यूल सामान्य पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है, जबकि वर्तमान में सामान्य पेट्रोल की कीमत लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। यह अंतर आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना अपने वाहनों का उपयोग करते हैं।

E85 फ्लेक्स-फ्यूल वास्तव में पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण है, जिसमें लगभग 85% तक एथेनॉल शामिल होता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और अन्य जैविक स्रोतों से तैयार किया जाता है, जिससे यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल बनता है। इस फ्यूल का उद्देश्य न केवल पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता को कम करना है, बल्कि देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना है।

सरकार का मानना है कि इस तरह के वैकल्पिक ईंधन से भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिलेगी। भारत हर साल भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। E85 जैसे विकल्प इस निर्भरता को कम करने में मदद कर सकते हैं।

इसके अलावा, E85 फ्यूल वाहनों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में सहायक माना जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने और शहरों की एयर क्वालिटी सुधारने में मदद मिलेगी। यह पहल भारत के क्लीन एनर्जी मिशन और नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

हालांकि, इस फ्यूल की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि देश में इसे कितनी तेजी से अपनाया जाता है और वाहन निर्माता कंपनियां कितनी जल्दी फ्लेक्स-फ्यूल इंजन तकनीक को बढ़ावा देती हैं। फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा स्थानों पर शुरू की गई है, लेकिन आने वाले समय में इसके विस्तार की योजना भी बनाई जा सकती है।

कुल मिलाकर, E85 फ्लेक्स-फ्यूल का लॉन्च भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई शुरुआत है, जो आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभकारी साबित हो सकता है। यह न केवल आम जनता की ईंधन लागत को कम करेगा, बल्कि एक स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की दिशा में भी देश को आगे ले जाएगा।

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