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UPI, LPG, SBI ATM और NPS के नियमों में बदलाव, 1 अक्टूबर से पड़ेगा असर

nidhi
30 Sept 2026 2:23 PM IST
UPI, LPG, SBI ATM और NPS के नियमों में बदलाव, 1 अक्टूबर से पड़ेगा असर
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1 अक्टूबर से लागू होंगे नए वित्तीय नियम

Mumbai: अक्टूबर की शुरुआत के साथ आपकी जेब और रोजमर्रा के वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं। इनमें SBI ATM से पैसे निकालने की सीमा, LPG सब्सिडी के लिए आधार सत्यापन, NPS से जुड़े शुल्क और बैंक डिपॉजिट नियम शामिल हैं। वहीं UPI को लेकर भी बड़ा बदलाव अक्टूबर में होगा, लेकिन यह 1 अक्टूबर से नहीं बल्कि 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है।

सबसे पहले बात SBI ATM नियमों की। 1 अक्टूबर से कुछ SBI Salary Package Account ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM पर मिलने वाले मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या कम हो जाएगी। ऐसे ग्राहकों को अब महीने में 10 की जगह केवल 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे। मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद वित्तीय लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
SBI के Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाताधारकों के लिए भी बदलाव होगा। महीने में पहले चार कैश विदड्रॉल मुफ्त रहेंगे। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त नकद निकासी पर शुल्क लगाया जाएगा। Aadhaar Enabled Payment System यानी AePS के जरिए की गई नकद निकासी भी मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा में गिनी जा सकती है। डिजिटल ट्रांजैक्शन मुफ्त बने रहेंगे।
LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन महत्वपूर्ण हो जाएगा। सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर से जुड़ी सुविधा जारी रखने के लिए Biometric Aadhaar Authentication यानी BAA पूरा करना होगा। उपभोक्ता डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम या संबंधित मोबाइल ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
NPS यानी National Pension System में भी शुल्क व्यवस्था से जुड़े बदलाव सामने आए हैं। Point of Presence से जुड़े चार्ज और कुछ सेवाओं की फीस में बदलाव किया गया है। इसलिए NPS खाताधारकों को अपने अकाउंट से जुड़े नए शुल्क की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
अब UPI की बात करें तो आम यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 1 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर कोई सामान्य ग्राहक शुल्क लागू नहीं हो रहा। नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से कुछ Merchant UPI ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित Person-to-Merchant लेनदेन पर MDR का प्रावधान किया गया है।
इसका मतलब यह है कि दोस्त या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजने पर नया चार्ज नहीं लगेगा। छोटे भुगतान और सामान्य P2P ट्रांजैक्शन पहले की तरह किए जा सकेंगे। इसलिए ऐसे दावों से सावधान रहना जरूरी है जिनमें कहा जा रहा है कि 1 अक्टूबर से हर UPI पेमेंट पर शुल्क देना होगा।
इसके अलावा डिपॉजिट नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। बड़ी रकम वाली Bulk Fixed Deposit पर बैंकों को ब्याज दरों के निर्धारण में अधिक लचीलापन मिलेगा। आम रिटेल FD ग्राहक के लिए इसका मतलब यह नहीं है कि हर बैंक की FD दर 1 अक्टूबर से बदल जाएगी।
अक्टूबर में मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले भी महत्वपूर्ण रहेंगे। इनका असर आगे चलकर होम लोन, ऑटो लोन और FD की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। हालांकि इसे 1 अक्टूबर से लागू होने वाले नियम बदलाव से अलग समझना जरूरी है।
कुल मिलाकर 1 अक्टूबर से सबसे सीधा असर SBI के कुछ खाताधारकों, LPG सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं और NPS ग्राहकों पर दिखेगा। UPI का बड़ा बदलाव महीने के बीच यानी 15 अक्टूबर से लागू होगा। ऐसे में बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़े ग्राहकों के लिए इन तारीखों और नियमों को समझना जरूरी है।
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