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8th Pay Commission में बदलाव, वेतन बढ़ोतरी के संकेत

Saba Naaz
20 July 2026 5:27 PM IST
8th Pay Commission में बदलाव, वेतन बढ़ोतरी के संकेत
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नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) बड़ी राहत लेकर आ सकता है। कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की मांग की गई है। नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार के सामने 8वें वेतन आयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। इनमें पे स्केल मर्जर, फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी और सालाना वेतन वृद्धि को दोगुना करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

NC-JCM के प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा वेतन प्रणाली को आसान बनाने के लिए कई पे लेवल को आपस में मिलाने की मांग की गई है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि वर्तमान पे मैट्रिक्स में कई स्तर होने के कारण वेतन निर्धारण की प्रक्रिया जटिल हो जाती है और कर्मचारियों के बीच वेतन अंतर भी बढ़ जाता है। इसलिए नए वेतन ढांचे में कुछ समान स्तरों को मर्ज करने का सुझाव दिया गया है।

प्रस्ताव में Level-2 और Level-3, Level-4 और Level-5, Level-7 और Level-8 तथा Level-9 और Level-10 जैसे पे लेवल को मिलाने की बात कही गई है। इससे कर्मचारियों को प्रमोशन और वेतन वृद्धि में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन का मानना है कि पे स्केल मर्जर से समान जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों के वेतन में संतुलन बनाया जा सकेगा।

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा असर कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी पर पड़ सकता है। NC-JCM ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार और 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।

फिटमेंट फैक्टर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुआ था। अब कर्मचारी संगठन इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, ताकि महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को ध्यान में रखते हुए वेतन में बड़ा सुधार किया जा सके।

इसके अलावा NC-JCM ने सालाना इंक्रीमेंट को लेकर भी बड़ा सुझाव दिया है। वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को हर साल बेसिक वेतन पर 3 प्रतिशत की वृद्धि मिलती है। संगठन ने इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की आय में लगातार बेहतर वृद्धि होगी और महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन व्यवस्था में कई खामियां हैं। अलग-अलग पे लेवल के बीच अंतर अधिक होने से कर्मचारियों को आर्थिक असमानता महसूस होती है। इसके अलावा महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी जरूरतों पर बढ़ते खर्च को देखते हुए वेतन में संशोधन जरूरी हो गया है।

अगर NC-JCM के सुझावों को मंजूरी मिलती है तो इसका फायदा लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है। वेतन वृद्धि के साथ-साथ पेंशन में भी बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

हालांकि अभी ये सभी प्रस्ताव के स्तर पर हैं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें आने और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही यह साफ होगा कि कौन-कौन से बदलाव लागू किए जाएंगे। यदि प्रस्ताव स्वीकार किए जाते हैं तो 8वां वेतन आयोग 7वें वेतन आयोग के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा वेतन सुधार साबित हो सकता है।

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