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कर्मचारियों को निकाला अब खुद नौकरी की तलाश में CEO

Ratna Netam
18 Aug 2026 3:31 PM IST
कर्मचारियों को निकाला अब खुद नौकरी की तलाश में CEO
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नई दिल्ली। कुछ साल पहले एक वीडियो कॉल के जरिए सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाले चर्चित CEO विशाल गर्ग अब खुद अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश में जुटे हैं। अमेरिका की डिजिटल मॉर्गेज कंपनी बेटर होम एंड फाइनेंस (Better.com) के संस्थापक और पूर्व CEO विशाल गर्ग को कंपनी के बोर्ड ने पद से हटा दिया है। इसके बाद उन्होंने दोबारा CEO पद पर लौटने की इच्छा जताई है और बोर्ड से अपनी वापसी की अपील की है।विशाल गर्ग साल 2021 में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने एक छोटी सी जूम कॉल के दौरान करीब 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा कर दी थी। यह फैसला क्रिसमस से कुछ दिन पहले लिया गया था, जिसके बाद दुनियाभर में उनकी आलोचना हुई थी। कर्मचारियों को हटाने के तरीके को लेकर कंपनी की नेतृत्व शैली पर भी सवाल उठे थे।अब हालात बदल गए हैं। जिस कंपनी में विशाल गर्ग कभी सबसे बड़े फैसले लेने वाले व्यक्ति थे, उसी कंपनी के बोर्ड ने उन्हें CEO पद से हटा दिया है। बोर्ड ने नेतृत्व को लेकर चिंता जताते हुए यह फैसला लिया। कंपनी ने कहा कि यह निर्णय प्रबंधन और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
900 कर्मचारियों को हटाने से चर्चा में आए थे विशाल गर्ग
साल 2021 में बेटर डॉट कॉम के CEO विशाल गर्ग ने कंपनी के कर्मचारियों के साथ जूम मीटिंग की थी। इस बैठक में उन्होंने अचानक घोषणा की कि कंपनी अपने करीब 900 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर रही है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई थी।इस फैसले के बाद कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई थी। कई लोगों ने कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का तरीका संवेदनशील नहीं था। सोशल मीडिया पर भी विशाल गर्ग की जमकर आलोचना हुई थी।विवाद बढ़ने के बाद विशाल गर्ग ने अपने व्यवहार और फैसले के तरीके को लेकर माफी भी मांगी थी। कुछ समय के लिए उन्होंने कंपनी के संचालन से दूरी बनाई थी, लेकिन बाद में फिर CEO की भूमिका में लौट आए थे।
अब खुद मांग रहे CEO पद वापस
CEO पद से हटाए जाने के बाद विशाल गर्ग ने कंपनी के बोर्ड से दोबारा जिम्मेदारी देने की अपील की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा है कि वह कंपनी को फिर से मुनाफे की स्थिति में लाने के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने कम वेतन पर भी काम करने की इच्छा जताई है।विशाल गर्ग का कहना है कि कंपनी में बदलाव की प्रक्रिया चल रही थी और वह बेटर डॉट कॉम को दोबारा मजबूत स्थिति में लाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, बोर्ड ने उनके नेतृत्व को लेकर अलग राय रखी और उन्हें पद से हटाने का फैसला किया।
बोर्ड और विशाल गर्ग के बीच बढ़ा विवाद
विशाल गर्ग ने अपनी विदाई के बाद बोर्ड के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के अंदर कुछ लोगों ने रणनीति के तहत उन्हें हटाने की कोशिश की। वहीं, कंपनी बोर्ड का कहना है कि यह फैसला नेतृत्व संबंधी चिंताओं और कंपनी के हितों को देखते हुए लिया गया।कंपनी ने नए नेतृत्व के तौर पर डैनियल लुईस को जिम्मेदारी दी है। इसके बाद विशाल गर्ग और बोर्ड के बीच विवाद और तेज हो गया है।
कंपनी की हालत भी बनी चुनौती
बेटर डॉट कॉम ने महामारी के दौरान तेजी से विकास किया था। उस समय ऑनलाइन मॉर्गेज कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई थी और कंपनी की वैल्यूएशन काफी ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन बाद में ब्याज दरों में बढ़ोतरी और हाउसिंग मार्केट में बदलाव के कारण कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।कंपनी में कई दौर की छंटनी भी हुई। इससे कर्मचारियों और निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी। विशाल गर्ग का कहना है कि उन्होंने कंपनी को दोबारा मजबूत करने की योजना बनाई थी, जबकि बोर्ड ने उनके नेतृत्व को लेकर अलग फैसला लिया।
बदलते समय की कहानी
विशाल गर्ग का मामला कॉरपोरेट जगत में नेतृत्व और कर्मचारियों के प्रति व्यवहार को लेकर एक बड़ी चर्चा का उदाहरण बन गया है। कुछ साल पहले वह एक बड़े पैमाने पर छंटनी के फैसले के कारण चर्चा में थे, लेकिन अब खुद अपनी नौकरी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।यह घटना बताती है कि कॉरपोरेट दुनिया में बड़े पद पर बैठे लोगों को भी लगातार प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और कंपनी के हितों के आधार पर फैसलों का सामना करना पड़ता है।फिलहाल विशाल गर्ग की वापसी की मांग पर कंपनी बोर्ड क्या फैसला लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, 900 कर्मचारियों को जूम कॉल पर हटाने वाला यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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