
Business बिजनेस: केंद्रीय कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में व्यापक सुधार के लिए 25,000 करोड़ रुपये की ‘सार्थक PDS’ योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य देशभर में राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह जानकारी केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि इस नए कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तकनीक-आधारित बनाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य फोकस राशन वितरण में होने वाली लीकेज को कम करना, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई-चेन) की निगरानी को मजबूत करना और लाभार्थियों तक सेवाओं को अधिक सुगमता से पहुंचाना है।
‘सार्थक PDS’ कार्यक्रम के तहत देशभर में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसमें राशन वितरण प्रणाली का डिजिटाइजेशन, वास्तविक समय (रियल-टाइम) निगरानी और डेटा आधारित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर और सही मात्रा में राशन पहुंचे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना में टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों के जरिए पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी, जिससे फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और सिस्टम में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
इसके अलावा, योजना का उद्देश्य लाभार्थियों की सेवाओं को बेहतर बनाना और उन्हें अधिक सुविधाजनक बनाना भी है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बन सके।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल खाद्य सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि देशभर में करोड़ों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
फिलहाल इस योजना के कार्यान्वयन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसे चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू किया जाएगा।





