व्यापार

2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से ज्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदे जाएंगे : रिपोर्ट

jantaserishta.com
10 Jan 2026 3:19 PM IST
2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से ज्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदे जाएंगे : रिपोर्ट
x
नई दिल्ली: भारत में बॉडी लोशन की खरीदारी का बड़ा हिस्सा आने वाले वर्षों में ऑनलाइन होने वाला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से ज़्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए खरीदे जाएंगे।
शनिवार को जारी यह रिपोर्ट रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स ने तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यम दाम वाले लेकिन गुणवत्ता में बेहतर (जिनकी कीमत लगभग 1.5 से 6 रुपये प्रति मिलीलीटर होती है) ब्रांड आगे चलकर बाज़ार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करेंगे। ऐसे ब्रांड ऑनलाइन बिक्री के कुल मौकों में 30 प्रतिशत से ज़्यादा योगदान देंगे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2025 तक ऑनलाइन बिक्री की हिस्सेदारी में पर्सनल केयर उत्पादों का प्रतिशत बढ़ रहा है। आने वाले समय में भी यह स्थिति बनी रहने की उम्मीद है। भारत में शहरी महिलाओं द्वारा ई-कॉमर्स पर बढ़ते ब्यूटी खर्च का असर बॉडी लोशन सेगमेंट पर भी दिखेगा।
इसके अलावा, जो ब्रांड शुरू से ही डिजिटल मंचों पर बने हैं, वे भी ऑनलाइन बिक्री को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब उपभोक्ता उन उत्पादों की ओर ज़्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा सही माना गया हो और जिनका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ हो। त्वचा रोग विशेषज्ञों की सलाह और सामग्री की साफ़ जानकारी देने वाले ब्रांड लोगों का भरोसा जीत रहे हैं।
अब साधारण मॉइश्चराइजर की जगह ऐसे बॉडी लोशन पसंद किए जा रहे हैं, जिनमें खास तत्व हों, जैसे विटामिन ई, शीया बटर और अन्य अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट-बेस्ड फ़ॉर्मूलेशन। साथ ही, पैराबेन-फ्री, वीगन और जानवरों पर परीक्षण न किए गए उत्पाद अब सिर्फ़ सीमित वर्ग तक नहीं, बल्कि आम बाजार का हिस्सा बनते जा रहे हैं। कुछ ब्रांड नैतिक मूल्यों को सामने रखकर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
कई कंपनियां अपनी अलग खुशबू के ज़रिए भी खुद को अलग दिखा रही हैं, जैसे वनीला, कारमेल और हेज़लनट जैसी सुगंध, जिससे बॉडी केयर का अनुभव और बेहतर हो जाता है।
रिपोर्ट में ब्रांड्स को सलाह दी गई है कि वे बॉडी लोशन के बाज़ार में आगे बढ़ने के लिए पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचें। इनमें प्लेटफॉर्म-आधारित डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेटेजी शामिल हैं; सीधे उपभोक्ता तक पहुंचने वाले मॉडल को मजबूत करना, उपभोक्ताओं की पसंद को समझने के लिए गहराई से आंकड़ों का विश्लेषण करना और उसी आधार पर उत्पाद, कीमत और पैक के आकार तय करना जरूरी है। इसके साथ-साथ भरोसा बनाने के लिए केवल विज्ञापनों पर निर्भर न रहना भी अहम बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, "इन्वेस्टर्स और रिटेलर्स के लिए, बॉडी लोशन एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें स्ट्रक्चरल टेलविंड्स हैं। इसकी वजह है लोगों की बढ़ती आय, नए उपभोक्ताओं का जुड़ना, व्यक्तिगत देखभाल के प्रति बढ़ती समझ और डिजिटल कारोबार की वह क्षमता, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story