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Business : विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उतार-चढ़ाव

Uma Verma
26 March 2025 2:12 PM IST
Business : विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में उतार-चढ़ाव
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व्यापार | वित्त वर्ष 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला साबित हुआ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने शुरुआत में जोरदार निवेश किया, जिससे सेंसेक्स 85,000 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। लेकिन दूसरी तिमाही में जैसे ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने घेरा, विदेशी निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी। इसके चलते बाजार अपने उच्चतम स्तर से लगभग 15% गिर गया और अभी भी करीब 10% नीचे बना हुआ है।

क्यों हो रही है भारी बिकवाली?

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां – ब्याज दरों में बदलाव की आशंका के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी निकाल रहे हैं।

  • डॉलर की मजबूती – अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय बाजार विदेशी निवेशकों के लिए कम आकर्षक हुआ है।

  • ग्लोबल अनिश्चितता – यूक्रेन-रूस युद्ध, मिडिल ईस्ट टेंशन और चीन की सुस्ती जैसी वैश्विक घटनाएं निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही हैं।

  • भारतीय कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन – कई विदेशी निवेशकों को भारतीय शेयर महंगे लगने लगे, जिससे मुनाफावसूली बढ़ गई।

बाजार पर क्या असर पड़ा?

  • सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट – जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सेंसेक्स 15% तक गिर चुका था और अब भी 10% नीचे बना हुआ है।

  • रुपये पर दबाव – विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपया कमजोर हुआ, जिससे आयात महंगा हो सकता है।

  • बैंकिंग और IT सेक्टर पर गहरा असर – खासतौर पर बैंकिंग और आईटी सेक्टर में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी ज्यादा होने के कारण इन शेयरों में भारी गिरावट आई।

क्या भारतीय बाजार संभल पाएगा?

हालांकि विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है, लेकिन घरेलू निवेशकों और मजबूत आर्थिक फंडामेंटल्स की वजह से स्थिरता बनी हुई है। रिटेल और म्यूचुअल फंड निवेशकों का भरोसा बाजार को सपोर्ट कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगली तिमाही में विदेशी निवेशकों की वापसी हो सकती है, खासकर अगर फेडरल रिजर्व दरों में कटौती करता है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती निवेशकों के लिए आकर्षण बनाए रखेगी।

निष्कर्ष

FY25 की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां छूईं, लेकिन विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से बड़ा करेक्शन देखने को मिला। अब बाजार के आगे बढ़ने के लिए घरेलू निवेशकों का भरोसा और वैश्विक आर्थिक स्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


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