
व्यापार : टेक इंडस्ट्री में छंटनी का सिलसिला लगातार जारी है। इस साल 2024 की शुरुआत से अब तक 23,154 कर्मचारी नौकरी गंवा चुके हैं। पिछले दो सालों (2022-2024) में यह आंकड़ा 5.82 लाख तक पहुंच चुका है, जिससे साफ है कि टेक सेक्टर अब भी मंदी के असर से जूझ रहा है।
बड़े नाम, बड़े झटके
इस साल जिन बड़ी कंपनियों ने छंटनी की घोषणा की है, उनमें शामिल हैं:
🔹 गूगल (Alphabet) – हजारों कर्मचारियों की छंटनी
🔹 माइक्रोसॉफ्ट – AI और क्लाउड डिविज़न में कटौती
🔹 मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) – कॉस्ट-कटिंग के तहत बड़ी संख्या में जॉब्स खत्म
🔹 अमेज़न – टेक्नोलॉजी और वेयरहाउस डिपार्टमेंट में छंटनी
🔹 टेस्ला, डेल, सिस्को जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटाने पर मजबूर हैं
छंटनी की वजहें क्या हैं?
ऑटोमेशन और AI: कंपनियां तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन को अपना रही हैं, जिससे मानव श्रमिकों की जरूरत कम हो रही है।
लागत में कटौती: टेक कंपनियां अपने खर्चों को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं।
ग्लोबल मंदी का असर: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते कई कंपनियां ग्रोथ में धीमापन देख रही हैं, जिससे नौकरियां प्रभावित हो रही हैं।
2022 से अब तक का हाल
पिछले दो सालों में 5.82 लाख से ज्यादा टेक प्रोफेशनल्स को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। 2023 में ही 3 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी हुई थी, और 2024 में भी यह ट्रेंड जारी है।
टेक वर्ल्ड के लिए आगे क्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक, AI और ऑटोमेशन के चलते कई पारंपरिक जॉब्स खत्म हो सकती हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी में नई नौकरियों के अवसर भी बनेंगे। डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, AI डेवलपमेंट और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी फील्ड्स में ज्यादा डिमांड देखने को मिल सकती है।





