
बिजनेस : लगातार चार कारोबारी सत्रों तक तेजी का रुख दिखाने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव के चलते बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जहां सेंसेक्स ने 79 हजार के स्तर को पार कर मजबूत शुरुआत की, वहीं कुछ ही समय बाद बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में आ गए। दोपहर तक बाजार में दबाव और बढ़ गया, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया।
कारोबार के दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूटकर करीब 78,211 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली और यह लगभग 78,247 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी करीब 333 अंक की गिरावट के साथ 24,447 के स्तर तक फिसल गया। लगातार चार दिनों की तेजी के बाद आई इस गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
हालांकि दिन की शुरुआत काफी अलग रही। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 493 अंकों की तेजी के साथ 79,132 के स्तर पर पहुंच गया था और पहली बार 79 हजार के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इसके विपरीत निफ्टी की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई और वह लगभग 24,703 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स हरे निशान में जबकि निफ्टी लाल निशान में बना रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली हावी हो गई।
सुबह करीब 11:40 बजे तक सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान में आ गया और करीब 18 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 78,620 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी करीब 214 अंक टूटकर 24,559 के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली और तेज हो गई, जिससे दोनों सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
मंगलवार के कारोबार में कई बड़े शेयरों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी के टॉप लूजर्स में ग्रासिम इंडस्ट्रीज सबसे अधिक प्रभावित शेयरों में शामिल रहा और इसमें तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर भी दो प्रतिशत से अधिक टूट गए। इसके अलावा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और बजाज ऑटो के शेयरों में भी लगभग दो प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। इन दिग्गज कंपनियों में बिकवाली ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया।
बाजार की चाल पर वैश्विक घटनाक्रमों का भी असर देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई और टॉपिक्स सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी कमजोर रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
गिफ्ट निफ्टी ने कारोबार शुरू होने से पहले भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिए थे और इसमें हल्की बढ़त दिखाई दे रही थी। इसी वजह से सेंसेक्स ने मजबूत शुरुआत भी की, लेकिन कारोबार बढ़ने के साथ घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली और चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की दिशा बदल गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार को सकारात्मक माहौल रहा। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। तकनीकी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के बाजार पूंजीकरण के स्तर को पार करने में सफल रही। इसके अलावा एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स और अल्फाबेट जैसी प्रमुख टेक कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि पिछले चार दिनों की लगातार तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली स्वाभाविक थी। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक संकेतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेश के रुख पर बनी रहेगी। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।





