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बिजनेस : शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट के बीच एक स्मॉल-कैप शेयर ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। स्टील और मेटल सेक्टर से जुड़ी कंपनी **Rhetan TMT Limited** के शेयर में 2 सितंबर 2026 को जोरदार खरीदारी देखने को मिली और यह 10 प्रतिशत के अपर सर्किट तक पहुंच गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद इस शेयर की तेजी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि कंपनी ने हाल ही में तिमाही नतीजों में मुनाफे में करीब 315 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है।
कंपनी का शेयर मंगलवार को 19.12 रुपये पर बंद हुआ था। बुधवार को यह 21.03 रुपये के स्तर पर खुला और 10 प्रतिशत की तेजी के साथ अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस दौरान NSE पर करीब 22.3 लाख शेयरों में कारोबार होने की जानकारी सामने आई। खास बात यह रही कि यह तेजी ऐसे समय आई जब प्रमुख बाजार सूचकांकों पर दबाव बना हुआ था।
बाजार की गिरावट में भी शेयर ने दिखाई ताकत
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों की कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में तनाव जैसी चिंताओं का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इसके बावजूद Rhetan TMT के शेयर में खरीदार सक्रिय दिखाई दिए।
एक दिन में 10 प्रतिशत की तेजी ने इस कम कीमत वाले शेयर को चर्चा में ला दिया। हालांकि किसी शेयर में एक दिन का अपर सर्किट भविष्य में लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। खासतौर पर स्मॉल-कैप और कम कीमत वाले शेयरों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
मुनाफे में आया 315 प्रतिशत का उछाल
Rhetan TMT के तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ने जून 2026 में समाप्त तिमाही में 3.16 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 76 लाख रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में लगभग 315 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी बढ़कर लगभग 3.31 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की तुलना में इसमें करीब 335.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पहली नजर में मुनाफे के ये आंकड़े कंपनी के लिए काफी मजबूत दिखाई देते हैं।
लेकिन निवेशकों के लिए केवल मुनाफे की वृद्धि देखना पर्याप्त नहीं है। नतीजों के दूसरे आंकड़ों पर नजर डालने से तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है।
रेवेन्यू में आई गिरावट
मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी के मुख्य कारोबार से होने वाली आय यानी रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में गिरावट दर्ज हुई। जून तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू करीब 4.06 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह लगभग 5.04 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर रेवेन्यू करीब 19.3 प्रतिशत कम हुआ।
यही आंकड़ा निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। आमतौर पर किसी कंपनी में लंबे समय तक टिकाऊ ग्रोथ के लिए उसके मुख्य कारोबार से होने वाली बिक्री और आय में मजबूती को महत्वपूर्ण माना जाता है।
कंपनी की कुल आय हालांकि बढ़कर करीब 8.52 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में लगभग 5.71 करोड़ रुपये थी। इसमें अन्य आय की बड़ी भूमिका रही।
अन्य आय ने बढ़ाया मुनाफा
कंपनी की अन्य आय जून तिमाही में बढ़कर करीब 4.45 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह लगभग 68 लाख रुपये थी। यानी अन्य आय में करीब 552 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मुनाफे में आए बड़े उछाल के पीछे इस बढ़ी हुई अन्य आय का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यही वजह है कि निवेशकों को 315 प्रतिशत की प्रॉफिट ग्रोथ को देखते समय यह भी समझना चाहिए कि इसका कितना हिस्सा कंपनी के मुख्य कारोबार से आया और कितना दूसरी आय से।
अगर भविष्य की तिमाहियों में कंपनी अपने मुख्य कारोबार से रेवेन्यू बढ़ाने में सफल रहती है तो यह वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से सकारात्मक संकेत हो सकता है। इसके विपरीत अगर मुनाफे में वृद्धि मुख्य रूप से अन्य आय पर निर्भर रहती है तो निवेशकों को इसके टिकाऊपन पर नजर रखनी होगी।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी
कंपनी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है। कंपनी के बोर्ड ने गुजरात के कड़ी स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने को मंजूरी दी है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनी अपनी क्षमता को मौजूदा 45,000 मीट्रिक टन सालाना से बढ़ाकर 75,000 मीट्रिक टन सालाना करने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए आवश्यक प्लांट और मशीनरी की खरीद की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।
अगर यह विस्तार तय योजना के मुताबिक पूरा होता है और बाजार में कंपनी के उत्पादों की पर्याप्त मांग बनी रहती है तो भविष्य में कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि क्षमता बढ़ाने के साथ मांग, कच्चे माल की कीमत और वित्तीय लागत जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
हालिया प्रदर्शन अभी भी कमजोर
बुधवार की 10 प्रतिशत की तेजी के बावजूद शेयर का हालिया प्रदर्शन पूरी तरह मजबूत नहीं रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इससे पहले एक सप्ताह में शेयर करीब 4 प्रतिशत और एक महीने में लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका था। साल की शुरुआत से भी शेयर नकारात्मक दायरे में रहा।
इस लिहाज से 10 प्रतिशत का अपर सर्किट बड़ी गिरावट के बाद आई रिकवरी का हिस्सा भी हो सकता है। यह तेजी लंबे समय के ट्रेंड में बदलाव करेगी या नहीं, इसका आकलन आगे आने वाले कारोबारी सत्रों और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन से बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
Rhetan TMT के शेयर में आगे तेजी जारी रहेगी या नहीं, इसका निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है। कंपनी के पक्ष में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर दिखाई देते हैं। तिमाही मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, कुल आय बढ़ी है और कंपनी उत्पादन क्षमता के विस्तार की तैयारी कर रही है।
दूसरी ओर कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में करीब 19 प्रतिशत की गिरावट सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है। इसके अलावा मुनाफे में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा अन्य आय से जुड़ा दिखाई देता है। शेयर में पहले आई तेज गिरावट भी इसकी अस्थिरता को दर्शाती है।
इसलिए निवेशकों को केवल 315 प्रतिशत की प्रॉफिट ग्रोथ या एक दिन के 10 प्रतिशत अपर सर्किट को देखकर फैसला करने के बजाय कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
आने वाली तिमाहियों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि क्या कंपनी अपने मुख्य कारोबार की बिक्री बढ़ा पाती है। इसके अलावा उत्पादन क्षमता विस्तार पर होने वाला खर्च, कंपनी का कर्ज, मार्जिन, कैश फ्लो और अन्य आय की प्रकृति भी महत्वपूर्ण होगी।
स्मॉल-कैप शेयरों में कई बार कम ट्रेडिंग वॉल्यूम या अचानक बढ़ी मांग से भी कीमत तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है। इसलिए किसी एक कारोबारी दिन की तेजी को लंबी अवधि के प्रदर्शन का संकेत मानना जोखिम भरा हो सकता है।
फिलहाल Rhetan TMT ने 315 प्रतिशत की प्रॉफिट ग्रोथ और 10 प्रतिशत के अपर सर्किट के कारण निवेशकों का ध्यान जरूर खींचा है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मुख्य कारोबार की आय बढ़ाकर मुनाफे की इस रफ्तार को टिकाऊ बना पाती है या नहीं।
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