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जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, ई-कॉमर्स मंचों पर ऑनलाइन सामान बेचने पर पंजीकरण से छूट

Renuka Sahu
30 Jun 2022 1:14 AM GMT
Big relief to small businessmen in GST Council meeting, exemption from registration for selling goods online on e-commerce platforms
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फाइल फोटो 

जीएसटी परिषद ने बुधवार को ई-कॉमर्स मंचों के जरिये ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों को अनिवार्य पंजीकरण मानदंडों से छूट देकर बड़ी राहत दी है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जीएसटी परिषद ने बुधवार को ई-कॉमर्स मंचों के जरिये ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों को अनिवार्य पंजीकरण मानदंडों से छूट देकर बड़ी राहत दी है। वस्तुओं और सेवाओं के लिए क्रमश: 40 लाख रुपये एवं 20 लाख रुपये तक कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों को यह छूट दी गई है। इससे 1.20 लाख छोटे विक्रेताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। नया नियम एक जनवरी, 2023 से लागू होगा।

जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक में सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं को कंपोजिशन योजना चुनने की अनुमति भी दी गई है। सोशल कॉमर्स मंच मीशो के संस्थापक-सीईओ विदित अत्री ने कहा, अनिवार्य पंजीकरण मानदंडों की वजह से 5 करोड़ छोटे विक्रेता ऑनलाइन मंचों के जरिये सामान नहीं बेच पा रहे हैं। फैसले से इन कारोबारियों को ई-कॉमर्स मंचों पर सामान बेचने में मदद मिलेगी। 60% छोटे कारोबारी ई-कॉमर्स मंचों पर सामान बेचना चाहते हैं।
फैसले से 1.20 लाख छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद
1.5 करोड़ रुपये तक का सालाना कारोबार करने वाले ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं को कंपोजिशन योजना चुनने की मिली अनुमति
उत्पादों पर अलग-अलग दर से बढ़ती है कर चोरी
दर युक्तिकरण पहल के तहत जीएसटी दरों में किसी भी बढ़ोतरी का मकसद मूल्य श्रृंखला में अक्षमता की भरपाई करना है। कुछ मामलों में शुल्क हटाए जाने के कारण भारी रिफंड दिया जा रहा है, जिसे ठीक करने की जरूरत है। कराधान प्रणाली में नाकामियां तब बढ़ती हैं, जब उत्पादों पर अलग-अलग दरों पर कर लगता है। -निर्मला सीतारमण, वित्तमंत्री
कसीनो, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लगाने का फैसला टला
जीएसटी परिषद ने कसीनो, घुड़दौड़, ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी पर 28 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला टाल दिया है। मंत्रियों के समूह (जीओएम) को मूल्यांकन प्रणाली पर संबंधित पक्षों के प्रतिवेदनों पर फिर से विचार कर 15 जुलाई तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस मुद्दे पर विचार करने के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में फिर से परिषद की बैठक होगी।
वित्तमंत्री ने कहा, गोवा एवं कुछ अन्य राज्य कसीनों पर जीएसटी को लेकर अपने और सुझाव रखना चाहते हैं। इसलिए निर्णय टाल दिया गया।
ऑनलाइन गेमिंग में उसके पूरे मूल्य पर और घुड़दौड़ में दांव पर लगी पूरी राशि के आधार पर जीएसटी लगाने का सुझाव दिया गया था।
क्रिप्टोकरेंसी : टैक्स लगाने पर कोई चर्चा नहीं
क्रिप्टोकरेंसी समेत सभी डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) पर भी 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर कोई फैसला नहीं हो सका। दो दिन तक चली परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। अगली बैठक में इस पर विचार हो सकता है।
गब्बर सिंह टैक्स अब गृहस्थी सर्वनाश टैक्स : राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पहले से डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और होटल में ठहरने पर टैक्स बढ़ाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का 'गब्बर सिंह टैक्स' अब 'गृहस्थी सर्वनाश कर' (घरेलू विनाश कर) का रूप ले रहा है। उन्होंने टवीट में कहा, महंगाई बढ़ने के साथ आय घट रही है। रोजगार में गिरावट आई है। ऐसे में जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी की दर बढ़ाना उचित नहीं है।
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