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कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! लेबर कोड में सैलरी भुगतान के नए नियम

Ratna Netam
20 July 2026 2:15 PM IST
कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! लेबर कोड में सैलरी भुगतान के नए नियम
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New Delhi नई दिल्ली : अगर आपकी सैलरी हर महीने देरी से आती है या नौकरी छोड़ने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, तो आने वाले समय में यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो सकती है। नए लेबर कोड (कोड ऑन वेजेज, 2019) के तहत कर्मचारियों को समय पर वेतन और अंतिम भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा करना और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

नए नियमों के अनुसार, जिन कर्मचारियों को मासिक आधार पर वेतन मिलता है, उन्हें अगले महीने की 7 तारीख तक सैलरी देना अनिवार्य होगा। यानी यदि किसी कर्मचारी ने जुलाई महीने में काम किया है, तो उसकी सैलरी 7 अगस्त तक उसके खाते में पहुंच जानी चाहिए। इससे कंपनियों द्वारा वेतन भुगतान में होने वाली अनावश्यक देरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

रोजाना मजदूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। ऐसे श्रमिकों को काम समाप्त होने के तुरंत बाद उसी दिन उनका भुगतान करना होगा। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर लाखों श्रमिकों को समय पर मेहनताना मिलेगा और उन्हें आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

वहीं, जिन कर्मचारियों को साप्ताहिक आधार पर वेतन मिलता है, उन्हें उनके साप्ताहिक अवकाश (वीकली ऑफ) से पहले भुगतान करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी छुट्टी के दौरान आर्थिक रूप से परेशान न हों और समय पर अपने खर्च पूरे कर सकें।

इसके अलावा, जो कर्मचारी पखवाड़े यानी हर 15 दिन के आधार पर वेतन प्राप्त करते हैं, उन्हें वेतन अवधि समाप्त होने के दो दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। इससे अलग-अलग भुगतान प्रणाली अपनाने वाली कंपनियों के लिए भी स्पष्ट समय-सीमा तय हो जाएगी।

नए लेबर कोड में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों के लिए किया गया है। पहले कई कंपनियां कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करने में कई सप्ताह या कई महीने तक का समय लगा देती थीं। अब नए नियमों के तहत कर्मचारी के इस्तीफा देने, सेवानिवृत्त होने या सेवा समाप्त होने की स्थिति में कंपनी को दो दिनों के भीतर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा। इसमें बकाया वेतन, अवकाश नकदीकरण (यदि लागू हो), बोनस और अन्य देय राशि का भुगतान शामिल होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रावधानों से कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे और कंपनियों में वेतन भुगतान को लेकर अनुशासन बढ़ेगा। समय पर वेतन मिलने से कर्मचारियों की वित्तीय योजना बेहतर होगी और नौकरी छोड़ने के बाद लंबे समय तक बकाया भुगतान का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि, इन नियमों का प्रभावी लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित राज्यों द्वारा नए लेबर कोड को पूरी तरह लागू किया जाएगा और कंपनियां निर्धारित प्रावधानों का पालन करेंगी। सरकार का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाते हुए कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए एक पारदर्शी और संतुलित व्यवस्था तैयार करना है। नए नियम लागू होने के बाद देशभर के करोड़ों कर्मचारियों को समय पर वेतन और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट मिलने की उम्मीद है।

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