
नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) 15 जुलाई से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद भारत के करीब 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। माना जा रहा है कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापार, निवेश, विनिर्माण और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करेगा।
भारत-UK FTA के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार में बड़ी राहत मिलेगी। अब टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वैलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और कई अन्य क्षेत्रों के उत्पाद कम लागत में ब्रिटेन पहुंच सकेंगे। इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय सामान होंगे सस्ते और प्रतिस्पर्धी
मुक्त व्यापार समझौते के तहत भारत के कई उत्पादों पर लगने वाली आयात शुल्क दरें खत्म हो जाएंगी। अभी तक टेक्सटाइल पर करीब 12 प्रतिशत, केमिकल्स पर 8 प्रतिशत और बेस मेटल्स पर लगभग 10 प्रतिशत तक ड्यूटी लगती थी। FTA लागू होने के बाद इन क्षेत्रों को शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
इसका सीधा फायदा भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों को मिलेगा। कम लागत के कारण भारतीय उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे और कंपनियों को नए ग्राहक मिलने की संभावना बढ़ेगी।
लग्जरी कारें और व्हिस्की होंगी सस्ती
इस समझौते का फायदा भारत में लग्जरी सामान खरीदने वाले ग्राहकों को भी मिलेगा। ब्रिटेन से आने वाली लग्जरी कारों पर लगने वाला ऑटोमोबाइल टैरिफ 100 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा। इससे लैंड रोवर, जगुआर, रोल्स रॉयस और एस्टन मार्टिन जैसी कारों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर भारत में लगने वाले 150 प्रतिशत टैरिफ को चरणबद्ध तरीके से घटाकर करीब 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा। इससे ब्रिटेन से आने वाले प्रीमियम उत्पादों की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
भारतीय पेशेवरों को मिलेगी बड़ी राहत
भारत-UK FTA में भारतीय पेशेवरों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। समझौते के तहत डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC) के जरिए ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों को नेशनल इंश्योरेंस में राहत मिलेगी।
पहले ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के वेतन का एक हिस्सा वहां की सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान के रूप में जाता था। अब इस व्यवस्था में बदलाव के बाद भारतीय कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी बचत बढ़ सकती है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
FTA लागू होने के बाद भारत के एग्री प्रोसेस्ड उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग, कपड़ा, चमड़ा और इंजीनियरिंग सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है। निर्यात बढ़ने से देश में उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इसके अलावा ब्रिटेन की कंपनियों के भारत में निवेश बढ़ाने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे नए उद्योग स्थापित हो सकते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
दोनों देशों के रिश्ते होंगे मजबूत
भारत और ब्रिटेन के बीच यह व्यापार समझौता आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद कर सकता है। वहीं उपभोक्ताओं को भी कई आयातित उत्पादों की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर भारत-UK FTA व्यापार और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।





