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बीमा कंपनियों पर बड़ी जाँच, इनकम टैक्स ने पकड़ी 15 हजार करोड़ के टैक्स की चोरी

Harrison
14 Aug 2023 10:03 AM GMT
बीमा कंपनियों  पर बड़ी जाँच, इनकम टैक्स ने पकड़ी 15 हजार करोड़ के टैक्स की चोरी
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आयकर विभाग ने बीमा कंपनियों पर लगे टैक्स चोरी के आरोपों की जांच पूरी कर ली है. जांच में विभाग को बीमा कंपनियों द्वारा कमीशन के भुगतान में अनियमितताएं मिली हैं और हजारों करोड़ रुपये की कर चोरी भी पाई गई है.
बन सकती है इतनी टैक्स देनदारी!
ईटी की एक रिपोर्ट में इनकम टैक्स अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि जांच में 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के भुगतान को छिपाने की जानकारी मिली है. इसके ऊपर करीब 4,500 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी बन सकती है. जांच में बीमा कंपनियों द्वारा टैक्स चोरी के लिए अपनाए जा रहे तरीकों के बारे में भी पता चला है.
जांच के दायरे में शामिल
इस जांच के दायरे में 25 से अधिक बीमा कंपनियां और 250 से अधिक व्यवसाय शामिल थे। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा की गई जांच में पता चला है कि इन कारोबारों का इस्तेमाल एजेंटों तक कमीशन पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। जांच में मिली जानकारी से कर निर्धारण अधिकारी को अवगत करा दिया गया है।
कर निर्धारण अधिकारी मांग करेंगे
कर चोरी के इस मामले में शामिल कंपनियों, कुल रकम और कर चोरी के तरीके के बारे में असेसिंग ऑफिसर को विस्तार से बताया गया है. असेसिंग ऑफिसर अब पूरे मामले को देखने के बाद संबंधित कंपनियों को टैक्स डिमांड जारी करेंगे। टैक्स डिमांड में ब्याज और जुर्माना भी शामिल होगा.
डीजीजीआई ने भी की जांच
आयकर विभाग के अलावा जीएसटी सतर्कता महानिदेशालय यानी डीजीजीआई ने भी संबंधित बीमा कंपनियों की जांच की है. आयकर विभाग बीमा नियामक आईआरडीए के प्रावधानों का उल्लंघन करके कथित कर चोरी की जांच कर रहा था, जबकि डीजीजीआई फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों की जांच कर रहा था।
जीएसटी में मिले इतने करोड़!
डीजीजीआई ने मार्च से अब तक 30 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी भुगतान करने को कहा है। कंपनियों ने अब तक करीब 700 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है. वहीं, कंपनियां डीजीजीआई की कार्रवाई के खिलाफ सक्षम प्राधिकारी के पास अपील करने की भी तैयारी कर रही हैं।
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