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Jio IPO से पहले एंकर निवेशकों को बड़ा तोहफा

Rajeshwari Nishad
20 Oct 2026 1:04 PM IST
Jio IPO से पहले एंकर निवेशकों को बड़ा तोहफा
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नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को शेयर बाजार में उतरने से पहले ही संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला है। कंपनी ने आईपीओ से पहले 212 एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए हैं। यह आवंटन शेयरों के निर्धारित मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर 1,119 रुपये प्रति शेयर पर किया गया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के एंकर बुक में संस्थागत निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलने की जानकारी सामने आई है। यह मांग एंकर निवेशकों के लिए उपलब्ध शेयरों की तुलना में 30 गुना से भी ज्यादा है। इस प्रतिक्रिया को देश के बड़े आईपीओ में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित
शेयर बाजारों के पास उपलब्ध जानकारी और मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 212 एंकर निवेशकों को लगभग 7.24 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। प्रत्येक शेयर की कीमत 1,119 रुपये तय की गई है, जो कंपनी के आईपीओ के प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है।
एंकर निवेशक आमतौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं। इनमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेश संस्थान और अन्य बड़े वित्तीय संस्थान शामिल हो सकते हैं। आईपीओ खुलने से पहले इन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी से बाजार को यह समझने में मदद मिलती है कि बड़े संस्थान किसी कंपनी के शेयरों में कितनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
हालांकि, एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी को आईपीओ की सफलता की गारंटी नहीं माना जा सकता। आम निवेशकों की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा।
2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से पहले सबसे ज्यादा चर्चा संस्थागत निवेशकों की ओर से मिली मांग को लेकर हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, एंकर बुक के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं। इसके मुकाबले आवंटन के लिए उपलब्ध राशि करीब 8,110 करोड़ रुपये रही।
इस तरह मांग उपलब्ध हिस्से से 30 गुना से अधिक हो गई। इतनी बड़ी मांग से पता चलता है कि घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की जियो प्लेटफॉर्म्स में खास दिलचस्पी है।
इसमें वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधकों, संप्रभु संपत्ति कोषों, म्यूचुअल फंडों और बीमा कंपनियों जैसे निवेशकों की भागीदारी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, कुल बोलियों का मूल्य वास्तविक निवेश या अंतिम आवंटन के बराबर नहीं होता। निवेशकों की ओर से लगाई गई बोलियां और उन्हें वास्तव में मिले शेयर अलग-अलग आंकड़े हैं।
LIC को मिला सबसे बड़ा आवंटन
एंकर निवेशकों के बीच भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को सबसे बड़ा आवंटन मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, एलआईसी को लगभग 499.98 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए हैं। यह कुल एंकर आवंटन का करीब 6.17 प्रतिशत है।
बड़े घरेलू संस्थानों की भागीदारी के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की रुचि भी इस आईपीओ को चर्चा में बनाए हुए है। निवेशक आमतौर पर किसी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी बाजार हिस्सेदारी, कारोबार की संभावनाओं, वित्तीय स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं पर ध्यान देते हैं।
जियो के मामले में दूरसंचार कारोबार के साथ डिजिटल सेवाओं, क्लाउड तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाएं भी निवेशकों के लिए अहम हो सकती हैं।
21 अक्टूबर से खुलेगा आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 से आम निवेशकों के लिए खुलने वाला है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसके लिए शेयरों का मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। कंपनी इस निर्गम के माध्यम से लगभग 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।
यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका आकार इसे देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल करता है। आईपीओ में निवेश करने वाले आम निवेशकों के लिए कंपनी की ओर से जारी दस्तावेजों, वित्तीय आंकड़ों और जोखिम संबंधी जानकारी को समझना जरूरी होगा।
एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित होने के बाद अब बाजार की नजर सार्वजनिक निर्गम को मिलने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी। निवेशकों की ओर से कितने आवेदन आते हैं, अलग-अलग श्रेणियों में कितनी मांग रहती है और अंततः शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहता है, ये सभी पहलू महत्वपूर्ण होंगे।
जियो के कारोबार पर क्यों है बाजार की नजर?
जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज का डिजिटल और दूरसंचार कारोबार से जुड़ा प्रमुख प्लेटफॉर्म है। कंपनी ने भारत में मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके कारोबार में दूरसंचार सेवाओं के अलावा डिजिटल एप्लिकेशन, उद्यमों के लिए तकनीकी समाधान और अन्य डिजिटल क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
बड़े ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। दूसरी ओर, दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क पर होने वाला खर्च, तकनीकी निवेश और ग्राहकों से औसत आय बढ़ाने की चुनौती जैसे मुद्दे भी कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, आईपीओ से पहले एंकर निवेशकों की ओर से मिली भारी मांग ने जियो प्लेटफॉर्म्स को सुर्खियों में ला दिया है। 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटन और 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियों ने संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को रेखांकित किया है। अब यह देखना अहम होगा कि सार्वजनिक निर्गम खुलने के बाद आम निवेशकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने पर कंपनी को किस तरह का मूल्यांकन मिलता है।
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