
Business बिजनेस: भारत में लंबे समय से पैकेज्ड फूड और मसाला बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले ब्रांड अब तेजी से बदलते उपभोक्ता व्यवहार के हिसाब से अपनी रणनीति बदल रहे हैं। MTR और ईस्टर्न जैसे लोकप्रिय ब्रांडों की मालिक कंपनी ऑर्कला इंडिया (Orkla India) अब डिजिटल कॉमर्स को अपने विकास का प्रमुख आधार बनाने की तैयारी कर रही है।
दशकों तक MTR जैसे ब्रांडों ने अपना कारोबार पारंपरिक बिक्री मॉडल के जरिए खड़ा किया। सुपरमार्केट, किराना दुकानों और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के माध्यम से इन कंपनियों ने देशभर में अपनी पहुंच बनाई। लेकिन अब भारतीय ग्राहकों के खरीदारी करने के तरीके में बड़ा बदलाव आ रहा है।
आज बड़ी संख्या में ग्राहक रोजमर्रा के सामान, खाने-पीने की चीजों और घरेलू जरूरतों के लिए क्विक कॉमर्स ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। 10 से 30 मिनट में सामान पहुंचाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इस बदलाव ने एफएमसीजी कंपनियों के सामने नई चुनौतियां और अवसर दोनों पैदा किए हैं।
इसी बदलते बाजार को देखते हुए ऑर्कला इंडिया ने प्रोजेक्ट बोल्ट नाम से एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल शुरू की है। इस परियोजना का उद्देश्य कंपनी के पूरे कारोबार को डिजिटल रूप से मजबूत बनाना और ऑनलाइन कॉमर्स को भविष्य की ग्रोथ का मुख्य इंजन बनाना है।
प्रोजेक्ट बोल्ट के तहत कंपनी अपने संचालन, बिक्री, सप्लाई चेन और ग्राहक अनुभव को डिजिटल तकनीक के जरिए बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इसका मकसद केवल ऑनलाइन बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि बाजार के बदलावों को तेजी से समझकर ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंच बनाना है।
ऑर्कला इंडिया के पास MTR और ईस्टर्न जैसे कई मजबूत ब्रांड हैं, जो भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल किए जाते हैं। MTR खासतौर पर रेडी-टू-कुक फूड, मसालों और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के लिए जाना जाता है, जबकि ईस्टर्न मसाले और खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है।
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म एफएमसीजी सेक्टर की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाएंगे। खासकर शहरों में रहने वाले युवा ग्राहक सुविधा और तेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे कि ऑनलाइन किराना सेवाओं ने ग्राहकों की उम्मीदों को बदल दिया है। अब ग्राहक केवल दुकान पर जाकर सामान खरीदने के बजाय मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।
इस बदलाव का असर पारंपरिक बिक्री मॉडल पर भी पड़ रहा है। कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना पड़ रहा है कि उनके उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध हों और डिजिटल चैनल के जरिए भी ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सके।
प्रोजेक्ट बोल्ट के माध्यम से ऑर्कला इंडिया डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री रणनीतियों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी ग्राहक की पसंद और खरीदारी के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझने के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करना चाहती है।
एफएमसीजी कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे पारंपरिक बाजार की मजबूत पकड़ को बनाए रखते हुए डिजिटल चैनल में भी तेजी से विस्तार करें। जो कंपनियां इस बदलाव को जल्दी अपनाएंगी, उन्हें भविष्य के बाजार में बढ़त मिलने की संभावना है।
भारत में ऑनलाइन किराना बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने के साथ छोटे शहरों में भी डिजिटल खरीदारी का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में बड़े ब्रांड अपनी ऑनलाइन उपस्थिति मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एफएमसीजी कंपनियों के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों चैनल महत्वपूर्ण रहेंगे। किराना स्टोर और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बिक्री का अहम हिस्सा बनेंगे।
ऑर्कला इंडिया का डिजिटल बदलाव इसी लंबी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अपने पुराने मजबूत ब्रांड नेटवर्क को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नए दौर के ग्राहकों तक पहुंचना चाहती है।
MTR और ईस्टर्न जैसे ब्रांडों ने वर्षों की मेहनत से उपभोक्ताओं का भरोसा हासिल किया है। अब चुनौती यह है कि इस भरोसे को डिजिटल युग में भी बनाए रखा जाए और बदलती खरीदारी आदतों के अनुसार खुद को तैयार किया जाए।
प्रोजेक्ट बोल्ट के जरिए ऑर्कला इंडिया यह संकेत दे रही है कि पारंपरिक एफएमसीजी कंपनियां भी अब डिजिटल क्रांति को अपनाकर भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रही हैं। आने वाले समय में ऑनलाइन कॉमर्स इन ब्रांडों की ग्रोथ रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।





