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RBI की मौद्रिक नीति के लिए बड़ी चिंता: गवर्नर संजय मल्होत्रा

Kavita2
5 Jun 2026 3:33 PM IST
RBI की मौद्रिक नीति के लिए बड़ी चिंता: गवर्नर संजय मल्होत्रा
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Maharashtra महाराष्ट्र: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान वर्तमान समय में केंद्रीय बैंक की सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने यह बात आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के हालिया फैसले के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही, जिसमें नीति दरों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया।

गवर्नर ने कहा कि तेल और ऊर्जा की वैश्विक आपूर्ति में अड़चनें न केवल घरेलू बाजार में महंगाई को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि आर्थिक स्थिरता के लिए भी जोखिम पैदा कर रही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह अनिश्चितता भविष्य में नीतिगत निर्णयों और भारतीय रिज़र्व बैंक की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।

इसके अलावा, गवर्नर ने कमजोर मानसून और अल-नीनो की स्थितियों को भी आरबीआई की चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि मानसून कमजोर रहा, तो कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा रहेगा। इस स्थिति में केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक विकास के संतुलन के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

मल्होत्रा ने बताया कि आरबीआई मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक दबावों का निरंतर अध्ययन कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम प्रमुख जोखिमों पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमें पश्चिम एशिया की अशांति, तेल और ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि, और मानसून की अनिश्चितता शामिल है। ये सभी कारक न केवल महंगाई पर असर डालते हैं बल्कि आर्थिक विकास और निवेश के माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।"

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। गवर्नर ने कहा कि इस निर्णय में मुद्रास्फीति की वर्तमान दर, आर्थिक वृद्धि की उम्मीद और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को ध्यान में रखा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीति दरों में बदलाव भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार किया जा सकता है, ताकि आर्थिक स्थिरता और निवेश वातावरण को बनाए रखा जा सके।

उन्होंने अंत में कहा कि केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और महंगाई को नियंत्रण में रखना है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता और घरेलू उत्पादन पर संभावित प्रभावों के मद्देनजर आरबीआई सतत निगरानी और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।

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