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HDFC बैंक में बड़ा बदलाव तिमाही नतीजों के बीच अधिकारी ने छोड़ा पद

Ratna Netam
17 Oct 2026 6:20 PM IST
HDFC बैंक में बड़ा बदलाव  तिमाही नतीजों के बीच अधिकारी ने छोड़ा पद
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मुंबई। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। बैंक ने जुलाई से सितंबर तिमाही में 19,509.96 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 4.7 प्रतिशत अधिक है। बैंक के ब्याज से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, तिमाही नतीजों के साथ बैंक के शीर्ष प्रबंधन से जुड़ी बड़ी खबर भी सामने आई है। डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में इसकी जानकारी दी है।
HDFC बैंक के मुनाफे में 4.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी
HDFC बैंक द्वारा जारी वित्तीय नतीजों के अनुसार, सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 19,509.96 करोड़ रुपये रहा।पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने लगभग 18,641 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इस प्रकार सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी हुई है।हालांकि, विश्लेषकों ने इस तिमाही में बैंक से करीब 19,526 करोड़ रुपये के लाभ की उम्मीद जताई थी। वास्तविक मुनाफा इस अनुमान से थोड़ा कम रहा।बैंक के अनुसार, कर्ज कारोबार और जमा राशि में वृद्धि हुई है, लेकिन ट्रेजरी आय में गिरावट तथा प्रावधान बढ़ने का असर तिमाही प्रदर्शन पर पड़ा।
ब्याज से होने वाली कमाई बढ़कर ₹34,619 करोड़
HDFC बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सितंबर तिमाही के दौरान लगभग 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।बैंक की शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 34,619.18 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह बैंक के मुख्य ऋण कारोबार से होने वाली आय का प्रमुख संकेतक है।शुद्ध ब्याज आय वह राशि होती है, जो बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर से प्राप्त होती है।बैंक के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उसके नियमित बैंकिंग कारोबार की स्थिति का पता चलता है।वहीं, बैंक की अन्य आय में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 13,831.02 करोड़ रुपये रही।
बैंक के बड़े अधिकारी कैजाद भरूचा ने दिया इस्तीफा
तिमाही नतीजों के साथ HDFC बैंक ने वरिष्ठ प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी भी दी।बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। उनका इस्तीफा 31 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा।भरूचा तीन दशकों से अधिक समय से HDFC बैंक से जुड़े रहे हैं। बैंक के विभिन्न कारोबार और संचालन से संबंधित जिम्मेदारियों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उनका पद छोड़ने का निर्णय ऐसे समय आया है, जब बैंक के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव होने जा रहा है।इस घटनाक्रम के बाद बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन और भविष्य की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
27 अक्टूबर से नए CEO संभालेंगे जिम्मेदारी
HDFC बैंक में प्रबंधन स्तर पर एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अनुप बागची को बैंक का नया मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।वह 27 अक्टूबर 2026 से अगले तीन वर्षों के लिए यह जिम्मेदारी संभालेंगे।अनुप बागची इससे पहले ICICI समूह से जुड़े रहे हैं। वह HDFC बैंक के पहले ऐसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे, जिन्हें बैंक के बाहर से इस पद पर नियुक्त किया गया है।वर्तमान CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनुप बागची नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
बैंक के जमा और कर्ज कारोबार में भी बढ़ोतरी
HDFC बैंक के लिए सितंबर तिमाही में जमा राशि और कर्ज वितरण के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहे।बैंक की कुल जमा राशि सालाना आधार पर लगभग 18.8 प्रतिशत बढ़कर 33.27 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।वहीं, कुल अग्रिम यानी कर्ज लगभग 16.3 प्रतिशत बढ़कर 32.20 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।इससे स्पष्ट होता है कि बैंक के ऋण कारोबार के साथ जमा आधार में भी विस्तार हुआ है।बैक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात लगभग 96 प्रतिशत रहा। यह अनुपात बताता है कि बैंक अपनी जमा राशि के मुकाबले कितना कर्ज वितरित कर रहा है।
खराब कर्ज के आंकड़ों में हुआ सुधार
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी कुछ सुधार देखने को मिला है।सितंबर तिमाही में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति यानी ग्रॉस NPA अनुपात घटकर 1.11 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.17 प्रतिशत था।नेट NPA अनुपात भी घटकर 0.37 प्रतिशत दर्ज किया गयाहालांकि, खराब कर्ज से संबंधित प्रावधानों में लगभग 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 3,573.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।इससे संकेत मिलता है कि बैंक ने संभावित ऋण जोखिमों के लिए अतिरिक्त राशि अलग रखी है।
शेयर बाजार के निवेशकों की नतीजों पर नजर
HDFC बैंक के तिमाही नतीजे और शीर्ष प्रबंधन में बदलाव की खबर शेयर बाजार के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।एक तरफ बैंक ने मुनाफे, शुद्ध ब्याज आय, जमा और ऋण कारोबार में बढ़ोतरी दर्ज की है। दूसरी ओर, अन्य आय में गिरावट और वरिष्ठ अधिकारी के इस्तीफे जैसे घटनाक्रम भी सामने आए हैं।आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर बैंक के वित्तीय प्रदर्शन, नए CEO की रणनीति और प्रबंधन में होने वाले बदलावों पर रहेगी।
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