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WhatsApp पर फर्जी बैंक अलर्ट से सावधान, हैदराबाद पुलिस ने जारी की चेतावनी

nidhi
16 Oct 2026 10:57 AM IST
WhatsApp पर फर्जी बैंक अलर्ट से सावधान, हैदराबाद पुलिस ने जारी की चेतावनी
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‘NO’ लिखवाकर ठगी का दावा
हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने लोगों को व्हाट्सएप पर होने वाले एक फ्रॉड के बारे में सावधान किया है। इस फ्रॉड में, एक व्यक्ति ने बैंक के एक फर्जी अलर्ट का जवाब 'NO' (नहीं) में दिया, जिसके बाद उसने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया कि इस घोटाले में न तो कोई OTP मांगा जाता है और न ही कोई संदिग्ध लिंक भेजा जाता है। इसके बजाय, यह लोगों में घबराहट पैदा करके उनसे जल्दबाजी में जवाब लेने की कोशिश करता है।
यह घोटाला कैसे काम करता है?
'बिजनेस टुडे' की रिपोर्ट के अनुसार, सज्जनार ने बताया कि यह फ्रॉड किसी अनजान नंबर से आए एक व्हाट्सएप मैसेज से शुरू होता है। इसमें दावा किया जाता है कि व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे कट गए हैं। इसके बाद, एक दूसरा मैसेज आता है जिसमें कहा जाता है कि अगर आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो 'NO' लिखकर जवाब दें। कमिश्नर ने बताया कि मैसेज में इस्तेमाल की गई डरावनी भाषा का मकसद लोगों को बिना सोचे-समझे जवाब देने के लिए उकसाना होता है।
उन्होंने इस तरीके को 'ऑटो-एग्जीक्यूशन फाइल अटैक' बताया। सज्जनार के अनुसार, मैसेज में छिपा मैलवेयर जवाब भेजते ही एक्टिवेट हो जाता है, जिससे अपराधियों को फोन और वित्तीय जानकारी तक पहुंच मिल जाती है।
पुलिस की क्या सलाह है?
सज्जनार ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से बैंक ट्रांजैक्शन के बारे में आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब 'YES' या 'NO' में न दें। अगर आपको ऐसा कोई मैसेज मिलता है, तो बैंक के आधिकारिक ऐप या नेट-बैंकिंग वेबसाइट के जरिए अपना अकाउंट चेक करें, या बैंक के वेरिफाइड कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें। उन्होंने अनजान लोगों द्वारा भेजी गई फाइलों या अटैचमेंट को न खोलने की भी सलाह दी है। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि असली बैंक कभी भी ग्राहकों से व्हाट्सएप पर ट्रांजैक्शन कन्फर्म करने के लिए नहीं कहते हैं।
पैसे कट जाने पर क्या करें?
जिन लोगों के साथ ऐसा फ्रॉड हुआ है, उन्हें भारत की साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। तुरंत रिपोर्ट करने से बैंकों और अधिकारियों को फ्रॉड ट्रांजैक्शन के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, लोगों को अपने बैंक से संपर्क करके अपने खाते की निगरानी (मॉनिटरिंग) करने के लिए कहना चाहिए।
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