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रिलायंस के शेयरों पर बढ़ा दांव, MTF बुक में 60 फीसदी की तेजी

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 12:14 PM IST
रिलायंस के शेयरों पर बढ़ा दांव, MTF बुक में 60 फीसदी की तेजी
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Reliance Industries Share Price: भारतीय शेयर बाजार में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों ने इस सप्ताह जबरदस्त हलचल मचा दी है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को कंपनी के शेयरों में करीब 11.6 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। यह पिछले छह वर्षों में रिलायंस के शेयरों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त रही। इसके बाद अब कंपनी ने मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस के शेयरों से जुड़ी एमटीएफ पोजीशन में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही रिलायंस ने एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़कर एमटीएफ बुक में सबसे अधिक एक्सपोजर वाले शेयर का स्थान हासिल कर लिया है। इस तेजी के बाद बाजार विशेषज्ञों की नजर भी रिलायंस के अगले कदम पर टिक गई है।
रिलायंस के शेयरों में 11.6 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी
सोमवार, 2 नवंबर को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान शेयरों में करीब 12 प्रतिशत तक उछाल आया और अंत में कंपनी का शेयर 1,300 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।यह अप्रैल 2020 के बाद कंपनी के शेयरों में सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी थी। इस उछाल के साथ रिलायंस के बाजार पूंजीकरण में लगभग 1.83 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।कंपनी के शेयरों में इस तेजी का असर प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों पर भी दिखाई दिया। रिलायंस ने सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
MTF बुक में करीब 60 प्रतिशत का उछाल
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी के साथ मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एनएसई के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस अब एमटीएफ बुक में सबसे अधिक एक्सपोजर वाला शेयर बन गया है।इससे पहले लंबे समय तक एचडीएफसी बैंक इस सूची में प्रमुख स्थान पर बना हुआ था। हालांकि, रिलायंस के शेयरों में अचानक आई तेजी और मार्जिन आधारित पोजीशन बढ़ने से यह स्थिति बदल गई।एमटीएफ से जुड़े अलग-अलग डेटा संकलनों में रिलायंस की फंडेड पोजीशन में लगभग 57 से 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई गई है। यह आंकड़ा कंपनी के कारोबार या मुनाफे में वृद्धि का नहीं, बल्कि मार्जिन ट्रेडिंग के तहत रखे गए शेयरों के मूल्य में बदलाव का है।
आखिर क्या होता है MTF?
मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसी सुविधा है, जिसके माध्यम से निवेशक अपने पास उपलब्ध रकम से अधिक मूल्य के शेयर खरीद सकते हैं। इसमें निवेशक शेयरों की कीमत का एक हिस्सा स्वयं चुकाता है, जबकि बाकी रकम ब्रोकर उपलब्ध कराता है।इस सुविधा के लिए निवेशक को ब्रोकर के नियमों के अनुसार ब्याज और अन्य शुल्क चुकाने पड़ सकते हैं।उदाहरण के तौर पर, यदि कोई निवेशक एक लाख रुपये के शेयर खरीदना चाहता है, तो निर्धारित मार्जिन जमा करके शेष राशि ब्रोकर से वित्तपोषित करा सकता है।हालांकि, इस सुविधा में जोखिम भी अधिक होता है। शेयर की कीमत गिरने पर निवेशक का नुकसान बढ़ सकता है और मार्जिन की कमी होने पर अतिरिक्त रकम जमा करनी पड़ सकती है।
शानदार तिमाही नतीजों से मिला शेयरों को समर्थन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी के मजबूत तिमाही वित्तीय नतीजे माने जा रहे हैं।कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई से सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का समेकित कर-पश्चात लाभ दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि के 22,092 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 33.8 प्रतिशत अधिक है।कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार, डिजिटल सेवाओं और अन्य प्रमुख व्यवसायों के प्रदर्शन ने वित्तीय नतीजों को मजबूती दी।हालांकि, रिलायंस के सभी कारोबारों में समान वृद्धि नहीं हुई है। रिटेल कारोबार के मुनाफे पर दबाव भी देखने को मिला है। ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी के अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
बाजार विशेषज्ञों ने जताई आगे तेजी की संभावना
रिलायंस के मजबूत नतीजों और शेयरों में आई उछाल के बाद कुछ ब्रोकरेज कंपनियों ने इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है।ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने रिलायंस पर अपनी खरीदारी की रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने सितंबर 2028 के लिए 1,710 रुपये का लक्ष्य मूल्य बताया है।ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की आय में संभावित सुधार और रिटेल कारोबार की वृद्धि शेयरों के मूल्यांकन को समर्थन दे सकती है।
हालांकि, यह लक्ष्य मूल्य एक विश्लेषणात्मक अनुमान है। इसे भविष्य में मिलने वाले निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता।शेयरों में रिकॉर्ड ट्रेडिंग से बढ़ा उत्साहरिलायंस इंडस्ट्रीज में 2 नवंबर को सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज हुआ। बड़ी संख्या में शेयरों की खरीद-बिक्री से बाजार में कंपनी के प्रति बढ़ती दिलचस्पी सामने आई।इसके अगले कारोबारी सत्र में भी रिलायंस के शेयर चर्चा में रहे। मंगलवार, 3 नवंबर को बीएसई पर कंपनी का शेयर 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,306.20 रुपये पर बंद हुआ।हालांकि, शेयरों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली की आशंका भी बनी रहती है।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। इसके कारोबार में ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, टेलीकॉम, रिटेल और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।विशेषज्ञों का सकारात्मक दृष्टिकोण निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, लेकिन केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, शेयरों के मूल्यांकन, कर्ज, नकदी प्रवाह और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का अध्ययन करना चाहिए।खासकर एमटीएफ के माध्यम से निवेश करने वालों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उधार लेकर शेयर खरीदने में मुनाफे के साथ नुकसान भी बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई ऐतिहासिक तेजी और एमटीएफ बुक में बढ़ोतरी ने बाजार का ध्यान आकर्षित किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी के शेयर आने वाले कारोबारी सत्रों में अपनी बढ़त बनाए रख पाते हैं या नहीं।
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