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बेंगलुरु में 2027 में होगा इंडिया इंटरनेशनल कॉफी फेस्टिवल 50 देशों के विशेषज्ञ होंगे शामिल

Kavita2
20 Aug 2026 11:02 AM IST
बेंगलुरु में 2027 में होगा इंडिया इंटरनेशनल कॉफी फेस्टिवल 50 देशों के विशेषज्ञ होंगे शामिल
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बेंगलुरु। भारत का सबसे बड़ा कॉफी उत्सव माना जाने वाला ‘इंडिया इंटरनेशनल कॉफी फेस्टिवल’ (IICF) एक बार फिर बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन 26 से 28 फरवरी 2027 तक होगा। कॉफी प्रेमियों, किसानों, कारोबारियों और उद्योग से जुड़े लोगों के लिए यह फेस्टिवल एक बड़ा मंच साबित होगा।

कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के CEO और सचिव कूर्मा राव ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस बार भी फेस्टिवल का आयोजन कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और ‘स्पेशलिटी कॉफी एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (SCAI) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।

कूर्मा राव ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया के कई देशों के कॉफी विशेषज्ञ, उत्पादक और उद्योग से जुड़े लोग हिस्सा लेंगे। तीन दिन चलने वाले इस फेस्टिवल में 50 से अधिक देशों के कॉफी किसान, रोस्टर, कैफे ब्रांड, कॉफी मशीन और उपकरण निर्माता, बरिस्ता तथा उपभोक्ता एक मंच पर जुटेंगे।

उन्होंने बताया कि IICF का उद्देश्य भारत की कॉफी संस्कृति, उत्पादन क्षमता और वैश्विक बाजार में भारतीय कॉफी की पहचान को मजबूत करना है। यह आयोजन कॉफी उद्योग से जुड़े सभी पक्षों को एक साथ लाने का काम करता है।

इस बार फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण ‘फार्म-टू-कप’ यानी खेत से कप तक की पूरी यात्रा को दिखाना होगा। इसमें कॉफी उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, रोस्टिंग, ब्रूइंग और उपभोक्ता तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा।

फेस्टिवल में कॉफी टेस्टिंग, कपिंग सेशन, ब्रूइंग वर्कशॉप और लाइव चैंपियनशिप जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को कॉफी की विभिन्न किस्मों, स्वाद और बनाने की तकनीकों के बारे में जानकारी मिलेगी।

आयोजन में भारत के अलग-अलग कॉफी उत्पादक क्षेत्रों की झलक देखने को मिलेगी। इसमें दक्षिण भारत के पारंपरिक कॉफी एस्टेट से लेकर उत्तर-पूर्व भारत के उभरते स्पेशलिटी कॉफी क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी जाएगी।

भारत में कॉफी उत्पादन का बड़ा हिस्सा कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों से आता है। कर्नाटक देश का प्रमुख कॉफी उत्पादक राज्य है और बेंगलुरु को कॉफी कारोबार के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय कॉफी फेस्टिवल के लिए बेंगलुरु को उपयुक्त स्थान माना जाता है।

कॉफी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्पेशलिटी कॉफी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। युवा उपभोक्ताओं के बीच कैफे संस्कृति और अलग-अलग स्वाद वाली कॉफी की मांग बढ़ी है। ऐसे में IICF जैसे आयोजन भारतीय कॉफी उत्पादकों को नए बाजार और अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।

फेस्टिवल में कॉफी किसानों को भी महत्वपूर्ण मंच मिलेगा। वे अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और विशेषज्ञों के सामने पेश कर सकेंगे। इससे किसानों को बेहतर बाजार, नई तकनीक और वैश्विक स्तर की जानकारी मिलने की संभावना है।

आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल कॉफी की बिक्री और प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कॉफी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसमें खेती, तकनीक, व्यापार और उपभोक्ता अनुभव से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा होगी।

लाइव चैंपियनशिप और बरिस्ता प्रतियोगिताएं भी इस आयोजन का आकर्षण रहेंगी। इनमें देश-विदेश के प्रतिभागी अपनी कॉफी बनाने की कला और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेंगे।

भारत की कॉफी अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रही है। भारतीय कॉफी की गुणवत्ता, प्राकृतिक उत्पादन क्षेत्रों और विशेष स्वाद के कारण इसकी मांग कई देशों में बढ़ रही है।

IICF 2027 के आयोजन से भारतीय कॉफी उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह फेस्टिवल किसानों, व्यापारियों, कैफे संचालकों और कॉफी प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच बनेगा जहां अनुभव, तकनीक और संभावनाओं का आदान-प्रदान होगा।

बेंगलुरु में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन पर कॉफी उद्योग की नजरें टिकी हुई हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में देश-विदेश के प्रतिभागियों की मौजूदगी से भारत की कॉफी पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी।

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