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हीरे की ज्वेलरी खरीदने से पहले जरूर करें ये जांच

Ratna Netam
24 Oct 2026 4:23 PM IST
हीरे की ज्वेलरी खरीदने से पहले जरूर करें ये जांच
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नई दिल्ली। सोने और हीरे की ज्वेलरी खरीदना हर किसी के लिए खास होता है। शादी-ब्याह, त्योहार या निवेश के उद्देश्य से लोग कीमती आभूषण खरीदते हैं। लेकिन कई बार ग्राहक सोने पर हॉलमार्क देखकर पूरी ज्वेलरी को असली मान लेते हैं। यहां एक जरूरी बात समझना आवश्यक है कि सोने का हॉलमार्क उसकी शुद्धता की जानकारी देता है, हीरे की असलियत की नहीं। इसलिए अगर आप सोने की अंगूठी, हार या हीरे जड़ी ज्वेलरी खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
हॉलमार्क क्या बताता है?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मुताबिक, हॉलमार्क कीमती धातु की शुद्धता या फाइननेस का आधिकारिक प्रमाण है। हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण पर BIS का लोगो, सोने की शुद्धता और छह अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर होता है। ग्राहक BIS Care ऐप में 'Verify HUID' सुविधा से इसकी जानकारी जांच सकते हैं।ध्यान रखें कि यह हॉलमार्क सोने की शुद्धता से संबंधित है। इससे आभूषण में लगे हीरे के प्राकृतिक, लैब में तैयार किए गए या नकली होने की पुष्टि नहीं होती। हॉलमार्क और हीरे की प्रमाणिकता दो अलग-अलग चीजें हैं।
असली हीरे की पहचान कैसे करें?
1. प्रमाणित लैब की रिपोर्ट जांचें
हीरे की असलियत जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका किसी प्रशिक्षित जेमोलॉजिस्ट या स्वतंत्र रत्न जांच प्रयोगशाला से उसकी जांच करवाना है। खरीदारी करते समय हीरे की पहचान और गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट मांगें। रिपोर्ट में पत्थर की प्रकृति, वजन, कट, रंग और स्पष्टता जैसी जानकारी हो सकती है।
2. रिपोर्ट नंबर का सत्यापन करें
अगर हीरे के साथ GIA या IGI जैसी प्रयोगशाला की रिपोर्ट दी गई है, तो उस पर दर्ज रिपोर्ट नंबर संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें। रिपोर्ट में दी गई जानकारी को खरीदे जा रहे हीरे से भी मिलाएं। केवल कागज या प्रमाणपत्र मौजूद होना उसकी प्रामाणिकता का पर्याप्त प्रमाण नहीं है।
3. चमक देखकर फैसला न करें
असली हीरा रोशनी में आकर्षक चमक दिखा सकता है, लेकिन केवल चमक के आधार पर उसकी पहचान नहीं की जा सकती। क्यूबिक जिरकोनिया और दूसरे नकली पत्थर भी चमकदार दिखाई दे सकते हैं। वहीं, लैब में तैयार हीरे के गुण प्राकृतिक हीरे जैसे हो सकते हैं। इसलिए सामान्य आंखों से दोनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
4. धुंध और पानी वाले टेस्ट पर भरोसा न करें
इंटरनेट पर अक्सर सांस की भाप, पानी या अखबार के अक्षरों के जरिए हीरे की पहचान करने के तरीके बताए जाते हैं। लेकिन ये घरेलू परीक्षण निर्णायक नहीं हैं। इनसे गलत निष्कर्ष निकल सकता है। इसी तरह हीरे को सैंडपेपर से रगड़ने जैसे प्रयोग पत्थर या ज्वेलरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे प्रयोग करने से बचें।
प्राकृतिक और लैब में बने हीरे में क्या अंतर है?
प्राकृतिक हीरा धरती के भीतर प्राकृतिक भूवैज्ञानिक परिस्थितियों में बनता है, जबकि लैब में तैयार हीरा नियंत्रित तकनीकी प्रक्रिया से बनाया जाता है। दोनों ही वास्तविक हीरे हो सकते हैं, लेकिन उनकी उत्पत्ति अलग होती है। इसके विपरीत, कांच या क्यूबिक जिरकोनिया जैसे पदार्थ हीरे की नकल हो सकते हैं।इसलिए खरीदारी के समय स्पष्ट पूछें कि ज्वेलरी में प्राकृतिक हीरा लगा है या लैब में तैयार किया गया हीरा। बिल और रिपोर्ट में इसका उल्लेख होना चाहिए।
ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोने की ज्वेलरी खरीदते समय HUID की जांच करें और बिल में सोने की शुद्धता, वजन तथा कीमत का विवरण देखें। हीरे की ज्वेलरी में पत्थर की पहचान, वजन, गुणवत्ता और प्राकृतिक या लैब में तैयार होने की जानकारी लिखित रूप में लें। महंगे हीरे की खरीद में स्वतंत्र प्रयोगशाला की रिपोर्ट विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
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