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WhatsApp खोजते समय रहें सतर्क, विज्ञापन में दिख सकता है नकल वाला ऐप

nidhi
17 Oct 2026 10:19 AM IST
WhatsApp खोजते समय रहें सतर्क, विज्ञापन में दिख सकता है नकल वाला ऐप
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नकली WhatsApp, डाउनलोड का आंकड़ा 5 लाख पार

नई दिल्ली : एंड्रॉयड यूजर्स के लिए सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। गूगल प्ले स्टोर पर WhatsApp की नकल करने वाले एक ऐप की लिस्टिंग मिली है, जिस पर पांच लाख से अधिक डाउनलोड का आंकड़ा दिखाई दिया। यह ऐप असली मैसेजिंग सेवा जैसा दिखने की कोशिश करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी लिस्टिंग में आधिकारिक ऐप के स्क्रीनशॉट और विवरण की नकल की गई है। ऐसे में केवल नाम और तस्वीरें देखकर डाउनलोड करने वाले यूजर्स भ्रमित हो सकते हैं।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। पांच लाख से ज्यादा डाउनलोड का मतलब यह नहीं है कि इतने अलग-अलग लोगों के साथ ठगी की पुष्टि हो गई है। यह स्टोर पर दिखाई देने वाला डाउनलोड आंकड़ा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इस ऐप के जरिए डेटा चोरी, बैंक खाते से रकम निकलने या सभी डाउनलोड करने वालों के प्रभावित होने का दावा नहीं किया जा सकता।
किस नाम से सामने आई नकली लिस्टिंग?
नकल वाली लिस्टिंग का नाम ‘WhatsApp Messenger’ बताया गया है, जबकि इसके डेवलपर का नाम ‘Agment Assets sallu’ दिखाई दिया। आधिकारिक WhatsApp का डेवलपर इससे अलग है। रिपोर्ट में 17 अक्टूबर की शुरुआती जांच के दौरान भी संदिग्ध लिस्टिंग उपलब्ध होने की बात कही गई है। हालांकि, उसके बाद उसकी उपलब्धता बदली है या नहीं, इसकी यहां स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यूजर्स को किसी पुराने स्क्रीनशॉट पर निर्भर रहने के बजाय वर्तमान लिस्टिंग की पहचान जांचनी चाहिए।
सर्च में ऊपर दिखना असली होने का प्रमाण नहीं
इस मामले की चर्चा तब शुरू हुई, जब एक यूजर ने नकल वाले ऐप को असली WhatsApp के ऊपर प्रायोजित परिणाम में देखने की जानकारी साझा की। हालांकि, ऐसा परिणाम सभी यूजर्स को दिखाई दे रहा था, इसकी पुष्टि नहीं है। रिपोर्ट में की गई दूसरी खोज में आधिकारिक ऐप ही पहले दिखाई दिया। इससे स्पष्ट है कि किसी एक यूजर की सर्च स्क्रीन को सभी लोगों का अनुभव नहीं माना जा सकता। फिर भी विज्ञापन के जरिए ऊपर दिखाई देने वाले ऐप की पहचान जांचना जरूरी है।
डेवलपर का नाम देखकर करें पहचान
असली WhatsApp Messenger की गूगल प्ले लिस्टिंग में डेवलपर का नाम ‘WhatsApp LLC’ दर्ज है। डाउनलोड बटन दबाने से पहले यह जानकारी देखना उपयोगी जांच है। आधिकारिक एंड्रॉयड ऐप की पहचान में पैकेज नाम ‘com.whatsapp’ भी शामिल है, जो उसके प्ले स्टोर पेज के पते में दिखाई देता है। केवल मिलता-जुलता नाम, हरे रंग का आइकन या परिचित स्क्रीनशॉट देखकर ऐप को आधिकारिक न मानें।
ऐप तक पहुंचने का एक आसान तरीका WhatsApp के आधिकारिक डाउनलोड पेज का इस्तेमाल करना है। वहां से एंड्रॉयड के लिए उपलब्ध विकल्प चुना जा सकता है। इससे सर्च परिणामों में मौजूद मिलते-जुलते नामों के बीच सही ऐप तलाशने की उलझन कम होती है। किसी अनजान संदेश, विज्ञापन या वेबसाइट से मिले डाउनलोड निर्देशों का पालन करने से पहले स्रोत की पहचान जरूर जांचें।
डाउनलोड कर लिया है तो क्या करें?
यदि फोन में मौजूद ऐप के डेवलपर की पहचान संदिग्ध है, तो उसमें मोबाइल नंबर, सत्यापन कोड या दूसरी निजी जानकारी दर्ज करने से पहले रुकें। ऐप की जानकारी खोलकर उसकी पहचान जांचें। WhatsApp की आधिकारिक सहायता के अनुसार, अनधिकृत ऐप से आधिकारिक संस्करण पर जाने के लिए अनधिकृत ऐप हटाकर आधिकारिक वेबसाइट से सही ऐप डाउनलोड किया जा सकता है और अपना नंबर दोबारा पंजीकृत करना होता है। पुरानी चैट के अपने आप वापस आने की गारंटी न मानें।
फोन पर Google Play Protect की जांच भी चलाएं। इसके लिए प्ले स्टोर खोलें, प्रोफाइल आइकन पर जाएं और ‘Play Protect’ में स्कैन का विकल्प चुनें। यह सुविधा संभावित हानिकारक ऐप की जांच करती है और खतरा मिलने पर चेतावनी दे सकती है। इसे बंद रखने के बजाय सक्रिय रखना बेहतर है। हालांकि, किसी स्कैन में चेतावनी नहीं आने को ऐप की आधिकारिक पहचान का प्रमाण नहीं समझना चाहिए।
इस मामले में सबसे जरूरी सावधानी है—डाउनलोड से पहले सही पहचान। बड़ी डाउनलोड संख्या भरोसे का पर्याप्त आधार नहीं है। संदिग्ध ऐप इंस्टॉल होने के बाद क्या करता है, इसकी पुष्ट तकनीकी जानकारी उपलब्ध नहीं है; इसलिए उसे निश्चित रूप से डेटा चुराने वाला बताना भी जल्दबाजी होगी। फिलहाल यूजर्स नाम के साथ डेवलपर और आधिकारिक स्रोत की जांच करके इस तरह की नकल से बच सकते हैं।
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