
x
भारतीय CMOs AI-आधारित मार्केटिंग और एजेंटिक कॉमर्स में वैश्विक स्तर पर आगे
New Delhi: सोमवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लगभग 53 प्रतिशत चीफ मार्केटिंग ऑफिसर्स (CMOs) ने 5-9 प्रतिशत की अतिरिक्त टॉपलाइन ग्रोथ का अनुमान लगाया है। यह ग्लोबल औसत 43 प्रतिशत से ज़्यादा है और सर्वे में शामिल किसी भी क्षेत्र का सबसे ज़्यादा अनुमान है।
AI-आधारित मार्केटिंग निवेश के ट्रेंड
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय कंपनियाँ AI निवेश की सीधी ज़िम्मेदारी ले रही हैं। 57 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI के लिए मार्केटिंग विभाग फंड देता है, जबकि ग्लोबल स्तर पर यह आँकड़ा 47 प्रतिशत है। इससे भारत दुनिया के सबसे ज़्यादा मार्केटिंग-आधारित AI निवेश बाज़ारों में से एक बन गया है।
एजेंटिक कॉमर्स को अपनाने में भारत दुनिया में सबसे आगे है। 73 प्रतिशत भारतीय CMOs ने इसे अपनी शीर्ष तीन रणनीतिक प्राथमिकताओं में रखा है, जबकि ग्लोबल औसत 63 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 43 प्रतिशत भारतीय CMOs का कहना है कि AI और डिजिटल बदलाव को तेज़ी से आगे बढ़ाना उनके CEO की शीर्ष प्राथमिकता है। पिछले दो सालों में मार्केटिंग से उनकी उम्मीदें काफ़ी बढ़ी हैं, जिससे भारत इस मामले में दुनिया में सबसे आगे रहने वाले देशों में शामिल हो गया है।
लगभग 52 प्रतिशत CMOs को उम्मीद है कि जेनरेटिव AI का पर्सनलाइज़ेशन पर काफ़ी सकारात्मक असर पड़ेगा। सर्वे में शामिल सभी क्षेत्रों में यह सबसे ज़्यादा है।
AI बदलाव पर सर्वे के नतीजे
कंपनी ने 300 CMOs का सालाना सर्वे किया और पाया कि जहाँ 96 प्रतिशत लोग कहते हैं कि AI पूरी प्रक्रिया में बदलाव ला रहा है, वहीं केवल एक-तिहाई लोगों ने बड़े पैमाने पर एजेंट्स का इस्तेमाल किया है। सिर्फ़ 8 प्रतिशत लोग ऐसे कैंपेन चलाते हैं जिनमें कई AI एजेंट्स अपने-आप काम करते हैं।
लगभग 27 प्रतिशत भारतीय CMOs ने बताया कि AI और डिजिटल बदलाव को तेज़ी से आगे बढ़ाना उनके CEO की पहली प्राथमिकता है। यह EMESA के 15 प्रतिशत के आँकड़े से लगभग दोगुना और नॉर्थ अमेरिका के 20 प्रतिशत के औसत से ज़्यादा है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में मार्केटिंग, सेल्स और प्राइसिंग प्रैक्टिस के ग्लोबल लीडर और रिपोर्ट के सह-लेखक मार्क अब्राहम ने कहा, "90 प्रतिशत CMOs इस बात से सहमत थे कि GenAI पहले से ही उस तरीके को बदल रहा है जिससे ग्राहक ब्रांड्स को खोजते और परखते हैं। लेकिन ज़्यादातर मार्केटिंग संगठन अभी उस माहौल में मुकाबला करने के लिए तैयार नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अब निवेश को अलग-अलग AI टूल्स से आगे बढ़कर पूरी तरह से जुड़े हुए एजेंटिक ऑपरेटिंग सिस्टम की ओर ले जाना होगा, जो मज़बूत डेटा फ़ाउंडेशन, ब्रांड इंटेलिजेंस लेयर्स, मल्टी-एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन और सही टैलेंट पर आधारित हों।"
Next Story





