Banking शेयरों ने बिगाड़ा बाजार का मूड, सेंसेक्स-निफ्टी में आई गिरावट

Mumbai मुंबई : वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे। बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, खासकर सरकारी बैंकिंग शेयरों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,470.11 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत फिसलकर 24,187.70 के स्तर पर आ गया। शुरुआती कारोबार में बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिली थी, लेकिन बाद में वैश्विक चिंताओं और चुनिंदा क्षेत्रों में बिकवाली के कारण बाजार दबाव में आ गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता, वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू निवेशकों ने भी सावधानी बरती और कई प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
मंगलवार के कारोबार में सरकारी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला सेक्टर इंडेक्स रहा। सरकारी बैंकों के शेयरों में बिकवाली के कारण बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा और इसका असर व्यापक बाजार पर पड़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर फिलहाल जारी रह सकता है। वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आने वाले आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्थिक नीतियों से जुड़े संकेतों पर बनी हुई है।
बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने बाजार की बढ़त को सीमित कर दिया। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाए रखी और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया।
पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में वैश्विक घटनाओं का प्रभाव लगातार दिखाई दे रहा है। अमेरिकी बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार से जुड़े घटनाक्रम घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों में निवेश के अवसर बने रह सकते हैं, लेकिन छोटी अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले बाजार की स्थिति और कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि सरकारी बैंकिंग शेयर बाजार पर दबाव बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रहे। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।





