व्यापार
सितंबर में ऑटो बाजार ने पकड़ी रफ्तार कार और बाइक बिक्री में उछाल
Ratna Netam
30 Sept 2026 3:55 PM IST

x
New दिल्ली : भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए सितंबर का महीना मजबूत रहने की उम्मीद है। जेफ़रीज़ की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में बिक्री और रजि स्ट्रेशन में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि ट्रैक्टर सेगमेंट इस तेजी में कुछ पीछे रह सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर के शुरुआती 25 दिनों के आंकड़े ऑटो बाजार में मजबूत मांग की ओर इशारा कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सितंबर के पहले 25 दिनों में पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 78 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं दो-पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 75 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। मीडियम और हेवी कमर्शियल ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में भी 53 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
इसके मुकाबले ट्रैक्टर सेगमेंट की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। सितंबर के शुरुआती 25 दिनों में ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर केवल 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि ऑटो सेक्टर की मौजूदा तेजी सभी सेगमेंट में समान नहीं है।
जेफ़रीज़ ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया है कि साल-दर-साल आधार पर दिखाई दे रही तेज बढ़ोतरी को सीधे मांग में उतनी ही बड़ी वृद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक इस तेजी के पीछे पिछले साल का कम आधार यानी 'लो बेस' भी एक महत्वपूर्ण कारण है।
रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल सितंबर के शुरुआती दिनों में अशुभ अवधि की शुरुआत और GST कटौती से पहले ग्राहकों द्वारा खरीद टालने जैसे कारणों का असर बिक्री पर पड़ा था। इससे पिछले साल का आधार कमजोर रहा और इस बार की सालाना वृद्धि का प्रतिशत काफी ऊंचा दिखाई दे रहा है।
इसके बावजूद ऑटोमोबाइल कंपनियों के सितंबर के होलसेल वॉल्यूम को लेकर भी रिपोर्ट में मजबूत अनुमान लगाए गए हैं। जेफ़रीज़ के मुताबिक अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल कारोबार में सितंबर के दौरान साल-दर-साल आधार पर 25 से 27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी और TVS मोटर के वॉल्यूम में 15 से 17 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। इन कंपनियों के लिए सितंबर का महीना बेहतर मांग और मजबूत डिस्पैच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रॉयल एनफील्ड, हुंडई मोटर इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा के वॉल्यूम में भी वृद्धि की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 9 से 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।
इसके विपरीत हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री में कोई बड़ी हलचल नहीं होने की संभावना जताई गई है। जेफ़रीज़ का अनुमान है कि कंपनी के वॉल्यूम लगभग पिछले साल के स्तर के आसपास रह सकते हैं। यानी हीरो मोटोकॉर्प के लिए सितंबर की बिक्री मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
ऑटो बाजार में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की तेज रफ्तार खास तौर पर ध्यान खींच रही है। सितंबर के शुरुआती 25 दिनों में 78 प्रतिशत की रजिस्ट्रेशन वृद्धि से यह संकेत मिलता है कि इस अवधि में कारों और SUVs की मांग मजबूत रही। हालांकि इसमें पिछले साल के कमजोर आधार का भी बड़ा योगदान है।
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। इस सेगमेंट में बजाज ऑटो और TVS मोटर के लिए मजबूत होलसेल ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जबकि रॉयल एनफील्ड के वॉल्यूम में भी करीब 9 से 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मीडियम और हेवी ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में 53 प्रतिशत की वृद्धि भी महत्वपूर्ण है। यह सेगमेंट आम तौर पर आर्थिक गतिविधियों, माल ढुलाई और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ा माना जाता है। अशोक लेलैंड के लिए मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान इसी दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।
हालांकि ट्रैक्टर सेगमेंट में सिर्फ 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी से तस्वीर कुछ अलग नजर आती है। ग्रामीण मांग और कृषि गतिविधियों से जुड़े इस सेगमेंट में अन्य वाहन श्रेणियों जैसी तेज वृद्धि नहीं दिखी है। इससे सितंबर में ऑटो सेक्टर की ग्रोथ मुख्य रूप से पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट से संचालित होने की संभावना है।
जेफ़रीज़ की रिपोर्ट में अलग-अलग कंपनियों के होलसेल प्रदर्शन को लेकर दिए गए अनुमान ऑटो सेक्टर के मजबूत सितंबर की ओर संकेत करते हैं। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं तो कई बड़ी वाहन कंपनियां दोहरे अंकों की सालाना वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।
हालांकि रिपोर्ट ने यह सावधानी भी रखी है कि ऊंची सालाना वृद्धि का एक हिस्सा पिछले साल के कमजोर आधार की वजह से है। इसलिए सितंबर के आंकड़ों को देखते समय लो बेस इफेक्ट को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर सितंबर में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। पैसेंजर व्हीकल, दो-पहिया और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि ट्रैक्टर बिक्री अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है। अब नजर कंपनियों की वास्तविक सितंबर बिक्री के आंकड़ों पर रहेगी, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि रजिस्ट्रेशन में दिखी तेजी कितनी हद तक होलसेल वॉल्यूम में भी नजर आती है।
Next Story





