
Bengaluru बेंगलुरु : जर्मन लग्ज़री ऑटोमोबाइल कंपनी ऑडी ने शुक्रवार को अपनी पहली सुपरकार ‘नुवोलारी’ को पेश किया, जो हाई-परफॉर्मेंस हाइब्रिड ड्राइवट्रेन पर आधारित है। यह मॉडल कंपनी के लिए तकनीकी रूप से एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है। ऑडी के अनुसार, यह कार अब तक की उनकी सबसे पावरफुल और सबसे तेज़ प्रोडक्शन गाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।
कंपनी ने बताया कि ऑडी नुवोलारी को सिर्फ 499 यूनिट्स तक लिमिटेड रखा गया है और इसकी कस्टमर डिलीवरी 2027 की पहली छमाही से शुरू होने की उम्मीद है। यह फ्लैगशिप मॉडल कुल 1001 PS की पावर जनरेट करता है और 350 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की टॉप स्पीड हासिल कर सकता है।
ऑडी के बयान के अनुसार, यह सुपरकार 0 से 100 kmph की स्पीड सिर्फ 2.6 सेकंड में पकड़ लेती है, जबकि 200 kmph तक पहुंचने में इसे केवल 6.8 सेकंड लगते हैं। यह प्रदर्शन इसे दुनिया की सबसे तेज़ हाइब्रिड सुपरकार्स में शामिल करता है।
AUDI AG के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के चेयरमैन गर्नोट डॉलनर ने इस लॉन्च को कंपनी की तकनीकी प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “ऑडी नुवोलारी के साथ हम टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस को तेज कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह मॉडल दिखाता है कि जब टीमवर्क, टेक्नोलॉजी, परफॉर्मेंस और एक्जीक्यूशन पर फोकस किया जाता है, तो क्या हासिल किया जा सकता है।
तकनीकी रूप से यह सुपरकार एक उन्नत हाइब्रिड सिस्टम पर आधारित है, जिसमें 4.0-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन और तीन एक्सियल-फ्लक्स इलेक्ट्रिक मोटर शामिल हैं। इसका कुल सिस्टम आउटपुट 736 kW तक पहुंचता है। इंजन से लगभग 800 hp की पावर मिलती है, जो इसे बेहद उच्च प्रदर्शन वाली स्पोर्ट्स कार बनाती है।
कार के फ्रंट एक्सल पर दो इलेक्ट्रिक मोटर लगाए गए हैं, जो टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन और बेहतर हैंडलिंग में मदद करते हैं। तीसरी इलेक्ट्रिक मोटर इंजन और ट्रांसमिशन के बीच स्थित है, जो पावर डिलीवरी को और अधिक स्मूद और प्रभावी बनाती है।
इस हाइब्रिड सिस्टम को 7.3 kWh लिथियम-आयन बैटरी से ऊर्जा मिलती है, जो इलेक्ट्रिक मोड और परफॉर्मेंस दोनों को सपोर्ट करती है। यह तकनीक कार को न सिर्फ तेज़ बनाती है बल्कि बेहतर बैलेंस और ड्राइविंग कंट्रोल भी देती है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि ऑडी की यह नई सुपरकार लग्ज़री और परफॉर्मेंस सेगमेंट में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगी। साथ ही यह इलेक्ट्रिफिकेशन और हाई-परफॉर्मेंस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





