
व्यापार | टेक दिग्गज Apple को जर्मनी में एक बड़ा झटका लगा है। देश की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था (Federal Cartel Office - FCO) ने ऐपल के कुछ महत्वपूर्ण फीचर्स पर रोक लगा दी है। इस फैसले से iPhone यूजर्स पर भी असर पड़ सकता है।
क्या है मामला?
जर्मन एंटीट्रस्ट रेगुलेटर FCO ने ऐपल पर एकाधिकार (Monopoly) का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। संस्था का कहना है कि ऐपल का iOS इकोसिस्टम बहुत बंद (Closed Ecosystem) है, जिससे प्रतिस्पर्धी कंपनियों को नुकसान हो रहा है।
किन सुविधाओं पर पड़ी मार?
FCO के आदेश के बाद ऐपल को जर्मनी में अपने कुछ प्रमुख फीचर्स में बदलाव करने पड़ सकते हैं। संभावित रूप से ये बदलाव शामिल हो सकते हैं:
- Apple Pay पर प्रतिबंध: ऐपल पे के लिए थर्ड-पार्टी ऐप्स को अधिक एक्सेस देना होगा।
- App Store की नीतियों में ढील: ऐपल को डेवलपर्स के लिए नए नियम लाने पड़ सकते हैं।
- iPhone NFC एक्सेस: अब अन्य कंपनियां भी iPhone के NFC सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेंगी।
ऐपल का क्या कहना है?
Apple ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि उसकी सेवाएं यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। कंपनी ने यह भी इशारा दिया है कि वह इस फैसले को चुनौती दे सकती है।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
अन्य पेमेंट ऐप्स (जैसे Google Pay) को iPhone में NFC एक्सेस मिल सकता है।
ऐप स्टोर के नियमों में ढील होने से थर्ड-पार्टी ऐप्स को अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है।
ऐपल के सर्विस मॉडल में बदलाव होने से कुछ फीचर्स में देरी या पाबंदी लग सकती है।
क्या आगे होगा?
FCO ने ऐपल को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करने के लिए निर्देश दिया है। अगर ऐपल इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।





