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एथेनॉल फ्री प्रीमियम पेट्रोल
देहरादून: पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर चल रही बहस के बीच उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वाहन चालकों को अब बिना एथेनॉल मिश्रण वाला प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध होने लगा है। इंडियन ऑयल के चकराता रोड और सहस्त्रधारा रोड स्थित फिलिंग स्टेशनों पर इस प्रीमियम ईंधन की बिक्री शुरू कर दी गई है। इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में करीब 66.35 रुपये प्रति लीटर अधिक बताई जा रही है। देश में सामान्य पेट्रोल में फिलहाल 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण यानी E20 ईंधन की व्यवस्था है। एथेनॉल मिश्रण का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा बचाने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना है। हालांकि, पिछले कुछ समय से E20 को लेकर वाहन चालकों के बीच माइलेज, इंजन की कार्यक्षमता और पुराने वाहनों पर संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हुई है। ऐसे माहौल में बिना एथेनॉल वाला प्रीमियम पेट्रोल वाहन मालिकों के लिए एक अलग विकल्प बनकर सामने आया है। खासतौर पर उन लोगों में इसकी दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो अपने वाहन के इंजन के लिए उच्च गुणवत्ता या बिना एथेनॉल वाला ईंधन इस्तेमाल करना चाहते हैं।
देहरादून में दो पंपों से शुरुआत
देहरादून में इंडियन ऑयल ने फिलहाल चकराता रोड और सहस्त्रधारा रोड स्थित फिलिंग स्टेशनों पर इस ईंधन की बिक्री शुरू की है। स्थानीय स्तर पर इसकी उपलब्धता ऐसे समय हुई है जब E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों में अलग-अलग तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सरकारी तेल कंपनियों के कुछ प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल बिना एथेनॉल मिश्रण के उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें इंडियन ऑयल का XP100, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का Power100 और भारत पेट्रोलियम का Speed100 जैसे ईंधन शामिल हैं। इनकी कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी अधिक होती है।
सामान्य पेट्रोल से क्यों महंगा?
बिना एथेनॉल वाले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत अधिक होने की बड़ी वजह इसका प्रीमियम ग्रेड और उच्च ऑक्टेन स्तर है। ऐसे ईंधन को खासतौर पर बेहतर प्रदर्शन वाले इंजनों के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि, हर वाहन में महंगा प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने से समान स्तर का फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक वाहन मालिकों को सबसे पहले अपनी गाड़ी के निर्माता की ओर से सुझाए गए ईंधन को प्राथमिकता देनी चाहिए। केवल E20 से बचने के लिए हर वाहन में प्रीमियम पेट्रोल भराना आर्थिक रूप से फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
E20 को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर देश में काफी समय से बहस चल रही है। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और बाकी पेट्रोल होता है। सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है।
दूसरी ओर, कुछ वाहन मालिकों ने E20 के इस्तेमाल के बाद माइलेज में बदलाव और पुराने वाहनों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि ऑटोमोबाइल उद्योग के व्यापक परीक्षणों के बाद E20 को अपनाया गया है और E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा व्यापक रूप से उपलब्ध कराने का फिलहाल प्रस्ताव नहीं है। देहरादून में बिना एथेनॉल वाला प्रीमियम पेट्रोल मिलने से वाहन चालकों के पास अब एक अतिरिक्त विकल्प जरूर उपलब्ध हो गया है। लेकिन करीब 66 रुपये प्रति लीटर के अतिरिक्त खर्च के कारण यह विकल्प मुख्य रूप से प्रीमियम ईंधन चाहने वाले ग्राहकों तक सीमित रहने की संभावना है।
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