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AI ने एम्प्लॉई ट्रेनिंग को पीछे छोड़ दिया
New Delhi : आधुनिक कार्यस्थलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बदलाव ला रहा है, और यह केवल उद्योगों तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि व्यक्तिगत नौकरी प्रोफाइल और एम्प्लॉई ट्रेनिंग के तरीकों को भी प्रभावित कर रहा है। हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि लगभग 71% प्रोफेशनल्स मानते हैं कि उनके रोल में बड़े बदलाव आने वाले हैं, क्योंकि AI और ऑटोमेशन उनके दैनिक कामकाज में शामिल हो रहे हैं।
**AI और प्रशिक्षण: एक नया युग**
कंपनियां अब पारंपरिक ट्रेनिंग मॉड्यूल पर कम भरोसा कर रही हैं। पहले जहां एम्प्लॉई ट्रेनिंग आमतौर पर मानक पाठ्यक्रम, सेमिनार और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण पर आधारित होती थी, वहीं अब AI-बेस्ड टूल्स और सिमुलेशन प्लेटफ़ॉर्म्स ने इसे बदल दिया है।
* **AI ट्रेनिंग प्लेटफ़ॉर्म्स**: ये प्लेटफ़ॉर्म्स कर्मचारी की कार्यशैली, प्रदर्शन और सीखने की क्षमता का डेटा इकट्ठा करके व्यक्तिगत लर्निंग ट्रैक्स तैयार करते हैं।
* **ऑटोमेटेड स्किल गेप एनालिसिस**: AI यह पहचान सकता है कि कर्मचारी को किन क्षेत्रों में सुधार या नई स्किल्स की आवश्यकता है।
* **रील-टाइम फ़ीडबैक**: पारंपरिक ट्रेनिंग में जहां फ़ीडबैक देरी से मिलता था, AI-सिस्टम्स तुरंत सुझाव और सुधार के उपाय प्रदान करते हैं।
**71% प्रोफेशनल्स रोल बदलने की उम्मीद में**
सर्वेक्षण में शामिल पेशेवरों ने माना कि AI उनके मौजूदा कार्य में बदलाव लाएगा। कुछ प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं:
1. **आटोमेशन से समय बचत**: डेटा एंट्री, रिपोर्टिंग और अनालिटिक्स जैसे कार्य अब AI के माध्यम से तेज़ और सटीक हो रहे हैं।
2. **क्रिएटिव और रणनीतिक कार्यों पर फोकस**: प्रोफेशनल्स अब रूटीन कार्यों से मुक्त होकर अधिक क्रिएटिव और निर्णय लेने वाले रोल्स में सक्रिय होंगे।
3. **नए स्किल्स की मांग**: AI टूल्स और प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ काम करने के लिए तकनीकी और डिजिटल स्किल्स की मांग बढ़ रही है।
4. **रोल रीडिज़ाइन**: पारंपरिक जॉब डिस्क्रिप्शन अब बदल रहे हैं, और प्रोफेशनल्स को हाइब्रिड रोल्स में कार्य करना होगा।
**कंपनियों की दृष्टि**
उद्योग जगत में HR और L&D (Learning & Development) विभागों का कहना है कि AI ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को कई गुना बढ़ा दिया है। कई कंपनियां AI-बेस्ड मॉड्यूल्स के माध्यम से कर्मचारियों को तेजी से नए कौशल सिखा रही हैं। उदाहरण के लिए:
* कर्मचारी अब वर्चुअल रियलिटी (VR) और AI-सिमुलेशन का उपयोग करके प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकते हैं।
* AI सिस्टम्स कर्मचारी की प्रगति को ट्रैक करते हैं और लर्निंग मॉड्यूल को उसके प्रदर्शन के अनुसार अपडेट करते हैं।
**चुनौतियां और चिंता के विषय**
हालांकि AI ने प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं:
* **डेटा प्राइवेसी**: AI प्रशिक्षण प्लेटफ़ॉर्म्स कर्मचारी डेटा को ट्रैक करते हैं, जिससे प्राइवेसी का सवाल उठता है।
* **टेक्नोलॉजी डिपेंडेंसी**: ज्यादा AI-बेस्ड ट्रेनिंग पर निर्भर होने से मानव निर्णय और इंटरपर्सनल स्किल्स कम विकसित हो सकती हैं।
* **वर्कफोर्स असममितियां**: जो कर्मचारी डिजिटल या AI टूल्स में कमजोर हैं, उन्हें रोल चेंज में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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