
हैदराबाद : हैदराबाद भले ही देश के प्रमुख आईटी केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है, लेकिन स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में शहर अभी भी अपनी पूरी क्षमता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बड़ी-बड़ी वैश्विक और घरेलू कंपनियों को आकर्षित करने के बाद अब तेलंगाना की राजधानी का लक्ष्य एक ऐसा स्टार्टअप माहौल तैयार करना है, जहां नए उद्यमों को पूंजी, बाजार और विस्तार के बेहतर अवसर मिल सकें।
बेंगलुरु जैसे प्रमुख टेक और स्टार्टअप हब के बराबर आईटी पहचान बनाने के बावजूद हैदराबाद का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभी भी कई क्षेत्रों में पीछे माना जा रहा है। शहर की वेंचर कैपिटल फर्म एंडिया पार्टनर्स (Endiya Partners) की ओर से जारी ‘हैदराबाद स्टार्टअप रेडीनेस इंडेक्स 2026’ में इस स्थिति का आकलन किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए सबसे अधिक ध्यान पूंजी की उपलब्धता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर देने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए स्टार्टअप के विकास के लिए केवल तकनीकी क्षमता और प्रतिभा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें शुरुआती चरण में निवेश, ग्राहकों तक पहुंच और विस्तार के अवसर भी जरूरी होते हैं।
इंडेक्स में बताया गया है कि हैदराबाद में अब 10,000 से अधिक स्टार्टअप मौजूद हैं। वर्ष 2014 से अब तक शहर के स्टार्टअप्स ने 384 से ज्यादा डील्स के माध्यम से 3 अरब डॉलर से अधिक की वेंचर फंडिंग हासिल की है। यह आंकड़ा दिखाता है कि शहर में उद्यमिता की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है और निवेशकों की रुचि भी लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि स्टार्टअप समुदाय को अभी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए पर्याप्त फंडिंग जुटाना और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाना अब भी एक बड़ी चुनौती है।
‘हैदराबाद स्टार्टअप रेडीनेस इंडेक्स 2026’ को तैयार करने के लिए 216 फाउंडर्स, निवेशकों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े लोगों की राय ली गई। इस सर्वे के आधार पर शहर के स्टार्टअप इकोसिस्टम को 10 में से 6.5 का कॉन्फिडेंस स्कोर मिला है।
यह स्कोर बताता है कि हैदराबाद में स्टार्टअप के लिए संभावनाएं मजबूत हैं, लेकिन अभी सुधार की काफी गुंजाइश मौजूद है। विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और कारोबारी माहौल मौजूद है, लेकिन इसे वैश्विक स्तर के स्टार्टअप केंद्र में बदलने के लिए निवेश और नेटवर्किंग को और बढ़ाना होगा।
हैदराबाद की सबसे बड़ी ताकत उसकी आईटी विरासत और कुशल मानव संसाधन है। शहर में पहले से ही बड़ी टेक कंपनियों की मौजूदगी है, जिससे स्टार्टअप्स को तकनीकी विशेषज्ञता, कॉर्पोरेट साझेदारी और संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, तेलंगाना सरकार की ओर से भी स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई हैं। स्टार्टअप नीति, इनक्यूबेशन सेंटर और उद्यमियों के लिए सहायता कार्यक्रमों ने शहर में नए कारोबार शुरू करने के माहौल को बेहतर बनाया है।
इसके बावजूद, विशेषज्ञों का कहना है कि हैदराबाद को बेंगलुरु जैसे स्थापित स्टार्टअप केंद्रों से मुकाबला करने के लिए जोखिम पूंजी की उपलब्धता बढ़ानी होगी। खासकर शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए स्थानीय निवेशकों का नेटवर्क मजबूत करना जरूरी है।
मार्केट एक्सेस भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिस पर रिपोर्ट में जोर दिया गया है। कई स्टार्टअप अच्छे उत्पाद और तकनीक विकसित कर लेते हैं, लेकिन उन्हें बड़े ग्राहकों तक पहुंचने और अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने में मुश्किल आती है। कॉरपोरेट-स्टार्टअप साझेदारी और बाजार से जुड़ी बेहतर व्यवस्था इस समस्या को कम कर सकती है।
स्टार्टअप विशेषज्ञों का मानना है कि हैदराबाद में आने वाले वर्षों में एक मजबूत और विविधतापूर्ण स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की क्षमता है। इसके लिए सरकार, निवेशकों, उद्योग जगत और उद्यमियों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत होगी।
कुल मिलाकर, हैदराबाद ने आईटी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना ली है और अब स्टार्टअप क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। 10,000 से अधिक स्टार्टअप और अरबों डॉलर की फंडिंग इस बात का संकेत है कि शहर में क्षमता मौजूद है। हालांकि, वैश्विक स्तर का स्टार्टअप हब बनने के लिए पूंजी, बाजार पहुंच और निवेश नेटवर्क को और मजबूत करना होगा।





