व्यापार
सस्ता IPO बड़ा मुनाफा GMP ने बढ़ाई 53 रुपये वाले शेयर की चर्चा
Ratna Netam
21 Aug 2026 4:32 PM IST

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बिजनेस :शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए कमाई करने वाले निवेशकों के लिए एक नया मौका आने वाला है। **Hy-Tech Engineers IPO** को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। कंपनी का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को खुलने जा रहा है और इसका प्राइस बैंड 50 से 53 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते निवेशकों की नजर इस इश्यू पर बनी हुई है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP किसी आईपीओ की संभावित लिस्टिंग को लेकर बाजार की धारणा बताता है। हालांकि यह आधिकारिक शेयर बाजार का भाव नहीं होता और इसमें बदलाव होता रहता है। Hy-Tech Engineers IPO का GMP फिलहाल करीब 22 रुपये के आसपास बताया जा रहा है। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर बाजार की मौजूदा धारणा बनी रहती है तो शेयर करीब 75 रुपये के स्तर पर लिस्ट हो सकता है।
53 रुपये के शेयर पर मिल सकता है प्रीमियम
Hy-Tech Engineers ने अपने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड 50 से 53 रुपये तय किया है। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब 135.73 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 60 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और करीब 1.42 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
अगर GMP के अनुसार अनुमान लगाया जाए तो 53 रुपये के इश्यू प्राइस पर निवेशकों को संभावित रूप से करीब 40 प्रतिशत से ज्यादा का लिस्टिंग लाभ मिल सकता है। हालांकि, शेयर की वास्तविक लिस्टिंग बाजार की स्थिति, सब्सक्रिप्शन और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।
कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?
Hy-Tech Engineers IPO में निवेशक 24 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक बोली लगा सकेंगे। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त को होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयर 1 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में न्यूनतम लॉट साइज 283 शेयरों का रखा गया है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए करीब 14,999 रुपये का निवेश करना होगा।
क्या करती है कंपनी?
Hy-Tech Engineers की स्थापना वर्ष 1978 में हुई थी। कंपनी हाइड्रोलिक फिटिंग्स और इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स के निर्माण का काम करती है। इसके उत्पादों का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। कंपनी महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित करती है।
कंपनी के अनुसार, आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मशीनरी और उपकरणों की खरीद, विस्तार योजनाओं और कुछ कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा।
GMP देखकर निवेश करना कितना सही?
आईपीओ में निवेश करने वाले कई लोग GMP को देखकर लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाते हैं, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल GMP के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी का कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाएं और जोखिम को समझना भी जरूरी है।
कई बार आईपीओ का GMP मजबूत होता है, लेकिन लिस्टिंग के दिन बाजार की स्थिति बदलने से प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता। इसलिए निवेशकों को कंपनी की पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करना चाहिए।
निवेशकों की नजर क्यों टिकी है?
Hy-Tech Engineers IPO को लेकर बाजार में उत्साह की एक वजह इसका सकारात्मक ग्रे मार्केट प्रीमियम है। इसके अलावा कंपनी का पुराना कारोबार और इंजीनियरिंग सेक्टर में मौजूदगी भी निवेशकों का ध्यान खींच रही है।
हालांकि, शेयर बाजार में हर निवेश के साथ जोखिम जुड़ा होता है। आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
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