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गोल्ड लोन कारोबार में आदित्य बिड़ला की एंट्री निवेशकों को मिला बड़ा संकेत

Ratna Netam
20 Aug 2026 2:16 PM IST
गोल्ड लोन कारोबार में आदित्य बिड़ला की एंट्री निवेशकों को मिला बड़ा संकेत
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नई दिल्ली। देश के बड़े वित्तीय समूहों में शामिल आदित्य बिरला कैपिटल लिमिटेड (ABCL) ने गोल्ड लोन कारोबार में कदम रखने का ऐलान किया है। कंपनी के इस फैसले के बाद शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। आदित्य बिरला कैपिटल ने अपनी सुरक्षित ऋण (Secured Lending) पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए गोल्ड लोन सेगमेंट में प्रवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी अगले तीन वर्षों में देशभर में करीब 1,000 गोल्ड लोन शाखाएं खोलने की तैयारी कर रही है।
कंपनी की इस रणनीतिक पहल को वित्तीय सेवा क्षेत्र में विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। आदित्य बिरला कैपिटल का लक्ष्य शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में ग्राहकों तक गोल्ड लोन की सुविधा पहुंचाना है। इसके लिए कंपनी फिजिकल ब्रांच नेटवर्क के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करेगी। कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों के अलावा नए ग्राहकों को भी इस सेवा से जोड़ने की योजना बना रही है।
गोल्ड लोन कारोबार में उतरने के फैसले के बाद आदित्य बिरला कैपिटल के शेयरों में तेजी आई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनी की नई रणनीति से निवेशकों को भविष्य में कारोबार बढ़ने की उम्मीद नजर आ रही है। गोल्ड लोन सेक्टर भारत में तेजी से बढ़ रहा है और बढ़ती सोने की कीमतों ने इस बाजार को और आकर्षक बना दिया है।
कंपनी ने बताया कि शुरुआती चरण में मार्च 2027 तक 200 से 300 गोल्ड लोन शाखाएं खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले तीन वर्षों में नेटवर्क को बढ़ाकर लगभग 1,000 शाखाओं तक पहुंचाने की योजना है। इस विस्तार के जरिए कंपनी देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।
गोल्ड लोन एक ऐसा ऋण होता है जिसमें ग्राहक अपने सोने के आभूषण को गिरवी रखकर पैसे प्राप्त करता है। यह एक सुरक्षित लोन होता है, जिसमें सोना बैंक या वित्तीय संस्था के पास सुरक्षा के रूप में रखा जाता है। लोन चुकाने के बाद ग्राहक को उसका सोना वापस मिल जाता है।
भारत में गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर छोटे कारोबारियों, किसानों, मध्यम वर्ग और आपातकालीन जरूरतों वाले ग्राहकों के बीच यह एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है। कम दस्तावेज और जल्दी लोन मिलने की सुविधा के कारण बड़ी संख्या में लोग गोल्ड लोन को प्राथमिकता देते हैं।
आदित्य बिरला कैपिटल की एंट्री के बाद गोल्ड लोन बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है। कंपनी का मुकाबला पहले से मजबूत स्थिति में मौजूद गोल्ड लोन कंपनियों से होगा। इस क्षेत्र में कई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लंबे समय से सक्रिय हैं और देशभर में बड़ा नेटवर्क बना चुकी हैं।
आदित्य बिरला समूह पहले से ही बैंकिंग, बीमा, निवेश और ऋण जैसे वित्तीय क्षेत्रों में काम कर रहा है। गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश कंपनी की रिटेल लोन रणनीति का विस्तार माना जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई तरह की वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सोने की ऊंची कीमतें गोल्ड लोन उद्योग के लिए अवसर पैदा कर रही हैं। जब सोने की कीमत बढ़ती है तो ग्राहकों को अपने सोने के बदले ज्यादा राशि का लोन मिल सकता है। यही वजह है कि कई वित्तीय कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं।
आदित्य बिरला कैपिटल का यह कदम कंपनी के कारोबार विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 1,000 शाखाओं के नेटवर्क के साथ कंपनी छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगी। आने वाले वर्षों में गोल्ड लोन कारोबार कंपनी के लिए एक अहम ग्रोथ इंजन बन सकता है।
निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से साफ है कि बाजार ने कंपनी की इस नई पहल को उम्मीदों के साथ देखा है। हालांकि, गोल्ड लोन कारोबार में सफलता के लिए शाखा विस्तार के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन, ग्राहक सेवा और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें भी अहम भूमिका निभाएंगी।
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