
बिज़नेस: अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹4,866.60 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹3,305.13 करोड़ था। बिजली की बढ़ती मांग और बेहतर उत्पादन क्षमता का फायदा कंपनी को मिला है।
यह नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब अदाणी पावर ने हाल ही में जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) से जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JPVL) में 24 प्रतिशत प्रमोटर हिस्सेदारी खरीदी है। यह अधिग्रहण नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की ओर से मंजूर रिजॉल्यूशन प्लान के तहत किया गया है। अदाणी पावर ने इस हिस्सेदारी के लिए करीब ₹2,993.60 करोड़ का भुगतान किया है।
JP Associates की कंपनियों के अधिग्रहण के बाद अदाणी पावर की ऊर्जा क्षेत्र में मौजूदगी और मजबूत हुई है। जेपी ग्रुप की बिजली क्षेत्र से जुड़ी संपत्तियां अब अदाणी पावर के नियंत्रण में आ गई हैं। इससे कंपनी के विस्तार की रणनीति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अदाणी पावर के तिमाही नतीजों के अनुसार, कंपनी का कुल राजस्व भी तेजी से बढ़ा है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 33 प्रतिशत बढ़कर ₹19,322.30 करोड़ पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में कंपनी की आय में बड़ा सुधार देखने को मिला है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी सालाना आधार पर 39.8 प्रतिशत बढ़कर ₹7,948 करोड़ हो गया है। वहीं EBITDA मार्जिन 40.3 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत पहुंच गया है। कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन में बिजली की बढ़ती मांग, खासकर गर्मी और हीटवेव के दौरान बढ़ी बिजली खपत का बड़ा योगदान रहा है।
गर्मी के मौसम में देशभर में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावर कंपनियों को ज्यादा उत्पादन करना पड़ा, जिसका सीधा लाभ अदाणी पावर जैसी कंपनियों को मिला। कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे अधिक 31 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन दर्ज किया है।
कंपनी ने भविष्य के विस्तार के लिए बड़ा वित्तीय फैसला भी लिया है। अदाणी पावर के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या अन्य माध्यमों से ₹15,000 करोड़ तक का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा कंपनी की कर्ज लेने की सीमा को भी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पहले यह सीमा ₹75,000 करोड़ थी, जिसे बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने की योजना है।
अदाणी पावर का लक्ष्य अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 45 गीगावॉट तक पहुंचाना है। कंपनी के सीईओ एसबी ख्यालिया ने बताया कि कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें कोरबा फेज-II और महान फेज-II जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के पावर एसेट्स जैसे चूर्क प्लांट और प्रयागराज पावर में हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है।
पर्यावरण के क्षेत्र में भी कंपनी ने कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है। अदाणी पावर ने अपने थर्मल पावर प्लांट्स में पानी की खपत को कम करने में सफलता हासिल की है। कंपनी के अनुसार, अंतर्देशीय थर्मल पावर प्लांट्स में विशिष्ट जल खपत में 30.81 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके अलावा ऐश यूटिलाइजेशन का स्तर 93 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
अदाणी पावर के मजबूत तिमाही नतीजे कंपनी की विकास रणनीति को दर्शाते हैं। JP Power के अधिग्रहण और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच कंपनी ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में क्षमता विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश करेगी।





