
काठमांडू : नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत में शिक्षा के क्षेत्र में भारत-नेपाल सहयोग को आगे बढ़ाते हुए एक नई स्कूल बिल्डिंग के निर्माण की शुरुआत हुई है। सोमवार को दार्चुला जिले की शैल्यशिखर नगरपालिका में गोकुलेश्वर सेकेंडरी स्कूल की नई इमारत के निर्माण के लिए आधारशिला रखी गई।
इस परियोजना के लिए भारत सरकार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत ने स्कूल भवन के निर्माण के लिए 75 मिलियन नेपाली रुपये की सहायता देने का वादा किया है। यह परियोजना स्थानीय छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
गोकुलेश्वर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण कार्य की आधारशिला एक कार्यक्रम के दौरान रखी गई। इस अवसर पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी बसिस्ट नंदन और शैल्यशिखर नगरपालिका के मेयर विजय सिंह धामी ने संयुक्त रूप से आधारशिला रखी।
कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक और क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस परियोजना को क्षेत्र के शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
दार्चुला नेपाल का एक पहाड़ी और सीमावर्ती जिला है, जहां कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है। नई स्कूल बिल्डिंग बनने से यहां के छात्रों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
परियोजना के तहत स्कूल के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन तैयार किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध होने की उम्मीद है।
भारत-नेपाल सहयोग का हिस्सा
भारत सरकार नेपाल में विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं में सहयोग करती रही है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और सामुदायिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
गोकुलेश्वर सेकेंडरी स्कूल की यह परियोजना भी दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी का हिस्सा मानी जा रही है। भारतीय दूतावास ने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं स्थानीय समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं।
स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
स्कूल भवन के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर सुविधाएं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्कूल में अतिरिक्त सुविधाओं और बेहतर भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
नेपाल के दूरदराज इलाकों में विकास पर ध्यान
नेपाल के पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार सरकारों की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। सीमावर्ती और दूरदराज इलाकों में स्कूलों का विकास स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
भारत की सहायता से शुरू हुई यह परियोजना सुदूर पश्चिम प्रांत में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
निर्माण कार्य पर रहेगी नजर
आधारशिला रखे जाने के बाद अब स्कूल भवन के निर्माण का काम शुरू होगा। संबंधित अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि परियोजना तय समय सीमा के अनुसार पूरी की जाएगी और इसका लाभ जल्द ही छात्रों को मिल सकेगा।
गोकुलेश्वर सेकेंडरी स्कूल की नई इमारत न केवल स्थानीय छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, बल्कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत विकास साझेदारी का भी उदाहरण बनेगी।





