
New Delhi नई दिल्ली : प्रवासी भारतीय (NRIs) अब अपने ही पैसे का इस्तेमाल कर विदेशों में सस्ती दरों पर कर्ज लेकर भारतीय बैंकों के FCNR(B) डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं और मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। FCNR(B) यानी Foreign Currency Non-Resident डिपॉजिट, NRIs के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है। हाल ही में RBI ने देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए FCNR(B) डिपॉजिट स्वैप योजना में कुछ ढील दी है। इस कदम के बाद भारतीय बैंकों ने इन डिपॉजिट्स पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है।
HDFC बैंक ने 3 से 5 साल की जमा राशि पर ब्याज दरों को 2% से अधिक बढ़ाकर 6% कर दिया है। वहीं, YES बैंक 6.5% से 6.6% तक का ब्याज दे रहा है। इस स्थिति का फायदा उठाकर NRIs विदेश से कर्ज लेकर भारतीय बैंकों में FCNR(B) डिपॉजिट कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई NRI विदेश में 4% ब्याज पर कर्ज लेता है और उसी राशि को HDFC या YES बैंक में FCNR(B) डिपॉजिट में निवेश करता है, तो लीवरेज के जरिए सालाना 27% तक का रिटर्न अर्जित किया जा सकता है।
इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि NRI सुरक्षित बैंक डिपॉजिट में निवेश करते हुए भी शेयर बाजार जैसी भारी रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। FCNR(B) में निवेश से विदेशी मुद्रा जोखिम भी कम रहता है और भारतीय बैंकिंग प्रणाली में मुद्रा का प्रवाह बढ़ता है। RBI की हालिया नीति में ढील के कारण, अधिक बैंक अब ऊंची ब्याज दरें दे रहे हैं, जिससे NRI निवेशकों के लिए यह योजना और आकर्षक बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि FCNR(B) में निवेश से निवेशक को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न के साथ-साथ लीवरेज की सुविधा मिलती है। हालांकि, निवेश करने से पहले कर्ज लेने की शर्तों और ब्याज दरों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
इस तरह, NRIs अब अपनी विदेश मुद्रा और भारतीय बैंकिंग प्रणाली का सही उपयोग करके सुरक्षित तरीके से मोटा मुनाफा कमा सकते हैं।





