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8th Pay Commission: सैलरी बढ़ने की उम्मीद

Saba Naaz
5 July 2026 4:11 PM IST
8th Pay Commission: सैलरी बढ़ने की उम्मीद
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Business: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹69,000 हो जाएगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा अभी तय नहीं है और यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग का हिस्सा है। इस पूरे अनुमान की जड़ फिटमेंट फैक्टर है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिसके आधार पर न्यूनतम सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी। अब कर्मचारी संगठन NC-JCM ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है। लेकिन सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

यह बदलाव अगर लागू होता है तो इसका असर करीब 1.20 करोड़ लोगों पर पड़ेगा, जिनमें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 70 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। इसलिए यह मुद्दा सिर्फ वेतन नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक प्रभाव से जुड़ा माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों ने वेतन गणना के तरीके में भी बदलाव की मांग की है। वर्तमान में 3 यूनिट परिवार मॉडल के बजाय 5 यूनिट प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया गया है, जिसमें आश्रित माता-पिता और अन्य परिजनों को भी शामिल करने की बात कही गई है।

इसके अलावा संगठनों ने जीवनयापन खर्चों के नए आधार की भी मांग की है। इनमें भोजन और पोषण के लिए कैलोरी आधारित मानक, मकान किराए में बढ़ोतरी, बिजली-पानी खर्च, कौशल विकास और सामाजिक खर्चों को शामिल करने का प्रस्ताव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया तो सरकार पर भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता है, जिसका असर राज्यों पर भी दिखेगा। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.1 के बीच हो सकता है, या फिर यह 2.57 के आसपास भी रह सकता है।

नई बेसिक सैलरी तय होने के बाद इसका असर केवल वेतन पर ही नहीं बल्कि HRA, TA, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभों पर भी पड़ेगा। इससे कर्मचारियों की कुल आय में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, लेकिन वास्तविक आंकड़ा सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

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