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88 प्रतिशत ग्लोबल फर्मों के पास अब डेडिकेटेड एआई बजट, इंटेलिजेंट एजेंट पर केंद्रित ध्यान : रिपोर्ट
jantaserishta.com
30 Jun 2025 5:08 PM IST

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नई दिल्ली: लगभग 88 प्रतिशत वैश्विक उद्यमों के पास अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए डेडिकेटेड बजट है, जिनमें से लगभग दो-तिहाई अपने कुल टेक बजट का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा एआई प्रोजेक्ट्स पर खर्च कर रहे हैं। यह जानकारी सोमवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।
नैसकॉम द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, यह प्रमुख निवेश जनरेटिव एआई के शुरुआती प्रयोग से एआई एजेंट बनाने की ओर शिफ्ट को दर्शाता है। 'एंटरप्राइस एक्सपेरिमेंट्स विद एआई एजेंट्स-2025 ग्लोबल ट्रेंड्स' शीर्षक वाली रिपोर्ट दर्शाती है कि दुनिया भर की कंपनियां एआई अपनाने के अगले चरण के लिए किस प्रकार तैयारी कर रही हैं।
नैसकॉम की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य रणनीति अधिकारी संगीता गुप्ता ने कहा कि उद्यम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। उन्होंने कहा, "एआई एजेंट एंटरप्राइस एआई के अगले विकास का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक ऐसा विकास, जिसके लिए हमें काम, बुद्धिमत्ता और स्वायत्तता को देखने के तरीके में दार्शनिक बदलाव की जरूरत है।"
हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई सिस्टम को जिम्मेदारी से स्केल करने के लिए मजबूत विश्वास, डेटा तत्परता और निरंतर मानवीय निगरानी की आवश्यकता होगी। 8-9 वैश्विक क्षेत्रों और 10 से अधिक उद्योगों में 100 से अधिक कंपनियों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर स्टडी से पता चलता है कि उद्यम निष्क्रिय डेटा विश्लेषण से आगे बढ़कर अधिक सक्रिय एआई सिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं, जो मानवीय निगरानी के साथ कार्य कर सकते हैं और निर्णय ले सकते हैं।
रिपोर्ट की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक एजेंटिक एआई में बढ़ती दिलचस्पी है। लगभग 62 प्रतिशत कंपनियां ऐसे एआई एजेंटों के साथ प्रयोग कर रही हैं। कस्टमर सर्विस जैसे बाहरी उपयोग अभी भी सीमित हैं, केवल 31 प्रतिशत उद्यम उन क्षेत्रों में एजेंटिक एआई का उपयोग कर रहे हैं।
हालांकि, भविष्य को देखते हुए, 88 प्रतिशत कंपनियां 2025 में एजेंटिक एआई सिस्टम के लिए विशेष रूप से बजट निर्धारित करने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि अधिकांश कंपनियां सतर्क हैं। लगभग 77 प्रतिशत कंपनियां निगरानी और अनुकूलनशीलता सुनिश्चित करने के लिए ‘ह्युमन-इन-द-लूप’ मॉडल के साथ एजेंटिक एआई सिस्टम डिजाइन कर रही हैं। केवल 46 प्रतिशत कंपनियां पूरी तरह से स्वायत्त एजेंटों का परीक्षण कर रही हैं।
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