व्यापार

नवी मुंबई में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 65 लाख की ठगी

Kavita2
26 July 2026 5:34 PM IST
नवी मुंबई में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 65 लाख की ठगी
x

नवी मुंबई। महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित खारघर में रहने वाले स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के एक 73 वर्षीय रिटायर्ड जनरल मैनेजर कथित ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 65.19 लाख रुपये ठग लिए।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित रिटायर्ड बैंकर को 23 जून को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप के जरिए उन्हें शेयर बाजार से जुड़ी विशेषज्ञ सलाह देने और निवेश की रकम को दोगुना करने का दावा किया गया। ठगों ने खुद को शेयर बाजार के जानकार और भरोसेमंद निवेश सलाहकार के रूप में पेश किया।

जांच में सामने आया कि व्हाट्सऐप ग्रुप को इस तरह तैयार किया गया था कि वह एक वास्तविक निवेश प्लेटफॉर्म जैसा दिखाई दे। ग्रुप पर एक आधिकारिक दिखने वाला लोगो लगाया गया था और उसमें शेयर बाजार से जुड़ी जानकारियां, निवेश संबंधी सुझाव और बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़ी बातें साझा की जाती थीं। इससे पीड़ित को भरोसा हुआ कि वह किसी वैध निवेश समूह से जुड़े हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने रिटायर्ड अधिकारी को शेयर ट्रेडिंग के जरिए अधिक रिटर्न मिलने का लालच दिया। उन्हें बताया गया कि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर निवेश करने से कम समय में बड़ी कमाई की जा सकती है। इसी विश्वास में आकर पीड़ित ने धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी।

शुरुआत में ठगों ने पीड़ित को कुछ छोटे निवेश और कथित लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाया। इसके बाद उन्हें और अधिक पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। पीड़ित को ऐसा महसूस कराया गया कि उनका निवेश लगातार बढ़ रहा है और वे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

इसके बाद ठगों ने उनसे अलग-अलग चरणों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई। पुलिस के मुताबिक, कुल मिलाकर पीड़ित से 65.19 लाख रुपये की राशि ले ली गई। जब उन्होंने अपने निवेश से जुड़ी रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा और बाद में उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। इसके बाद साइबर अपराध की जांच शुरू की गई। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो इस ऑनलाइन ठगी में शामिल हैं। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी जानकारियों की पड़ताल की जा रही है।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ठग अक्सर लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देते हैं और नकली निवेश प्लेटफॉर्म, फर्जी ऐप या सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए विश्वास हासिल करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले किसी भी प्लेटफॉर्म या सलाहकार की प्रमाणिकता जांचना बेहद जरूरी है। केवल व्हाट्सऐप ग्रुप, सोशल मीडिया संदेश या ऑनलाइन दावों के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर बाजार में निवेश करते समय सावधानी बरतें और किसी अनजान व्यक्ति या समूह के कहने पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। यदि कोई व्यक्ति कम समय में बहुत अधिक मुनाफे का दावा करता है, तो ऐसे प्रस्तावों से सतर्क रहना चाहिए।

यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी अब पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। वे तकनीक और मनोवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।

SIDBI के रिटायर्ड अधिकारी के साथ हुई इस घटना ने ऑनलाइन निवेश से जुड़े जोखिमों को उजागर किया है। पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सकेगा।

साइबर सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ लोगों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों के बारे में जागरूक होना जरूरी है। सतर्कता और सही जानकारी ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

Next Story