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दक्षिण अफ्रीका में तीन वाहनों की भीषण टक्कर 21 की मौत

Kavita2
14 Sept 2026 3:55 PM IST
दक्षिण अफ्रीका में तीन वाहनों की भीषण टक्कर 21 की मौत
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केप टाउन। दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न केप प्रांत में रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा देश के प्रमुख एन-1 हाईवे पर प्रिंस अल्बर्ट और ली-गामका कस्बों के बीच हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यात्रियों से भरी दो मिनीबस टैक्सियां आमने-सामने टकरा गईं। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही एक एसयूवी भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से जा भिड़ी।

दक्षिण अफ्रीका की रोड ट्रैफिक मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन यानी आरटीएमसी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटनास्थल के आकलन और राहत कार्य के कारण मृतकों की संख्या में बदलाव हो सकता है। घटनास्थल केप टाउन से लगभग 380 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिनीबस टैक्सियों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क पर वाहनों के टूटे हिस्से तथा यात्रियों का सामान बिखर गया।

पश्चिमी केप के मोबिलिटी विभाग के अनुसार, हादसा रविवार देर रात करीब 11:30 बजे से सोमवार तड़के 12:30 बजे के बीच हुआ। टक्कर में दो टोयोटा क्वांटम मिनीबस टैक्सियां और एक सुजुकी ब्रेजा एसयूवी शामिल थीं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पहले दोनों मिनीबस टैक्सियों की आमने-सामने टक्कर हुई, जिसके बाद एसयूवी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा गई।

राहत और बचाव अभियान चलाया गया

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, एंबुलेंस, दमकल विभाग और आपातकालीन सहायता टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त वाहनों में कई लोग फंसे हुए थे। बचावकर्मियों ने विशेष उपकरणों की मदद से वाहनों के हिस्सों को काटकर घायलों और शवों को बाहर निकाला।

अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। तीन घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है। कुछ लोगों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है।

मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने पहचान की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले मृतकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों मिनीबस टैक्सियों में कुल कितने यात्री सवार थे।

हादसे के बाद एन-1 हाईवे बंद

दुर्घटना के बाद एन-1 हाईवे के प्रभावित हिस्से को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पुलिस और यातायात विभाग ने दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को रोककर वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने, मलबा साफ करने और दुर्घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने का काम कई घंटे तक चला।

एन-1 दक्षिण अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त राजमार्गों में शामिल है। यह केप टाउन को देश के अंदरूनी हिस्सों और प्रमुख शहरों से जोड़ता है। इस मार्ग पर यात्री वाहनों के साथ बड़ी संख्या में भारी मालवाहक वाहन भी चलते हैं। प्रिंस अल्बर्ट और ली-गामका के बीच का क्षेत्र लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों के लिए प्रमुख मार्ग माना जाता है।

हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं

आरटीएमसी ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में दोनों मिनीबस टैक्सियों और एसयूवी की गति, वाहनों की तकनीकी स्थिति, चालकों की भूमिका और सड़क की परिस्थितियों का परीक्षण किया जाएगा। रात के समय दृश्यता, चालक की थकान या किसी वाहन द्वारा गलत दिशा में आगे बढ़ने जैसे संभावित पहलुओं की भी जांच हो सकती है।

फिलहाल अधिकारियों ने हादसे का कोई निश्चित कारण घोषित नहीं किया है। ऐसे में तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग या चालक की लापरवाही को दुर्घटना का कारण बताना जल्दबाजी होगी। दुर्घटनास्थल की तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।

आरटीएमसी ने कहा है कि वेस्टर्न केप की आपातकालीन सेवाएं और संबंधित अधिकारी घटनास्थल का आकलन कर रहे हैं। एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जा सकती है। हादसे की प्रारंभिक जानकारी की पुष्टि में भी की गई है।

लाखों लोगों की जीवनरेखा हैं मिनीबस टैक्सियां

दक्षिण अफ्रीका में मिनीबस टैक्सियां सार्वजनिक परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। लाखों लोग रोजाना काम, स्कूल, बाजार और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। ये टैक्सियां शहरों के साथ दूरदराज के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ती हैं।

बड़ी संख्या में यात्रियों को ले जाने, लंबी दूरी तय करने और व्यस्त मार्गों पर संचालन के कारण मिनीबस टैक्सियां कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में शामिल होती रही हैं। वाहनों की फिटनेस, क्षमता से अधिक यात्रियों, चालकों की थकान और तेज गति जैसे मुद्दों को लेकर दक्षिण अफ्रीका में पहले भी चिंता जताई गई है। हालांकि प्रत्येक दुर्घटना का कारण अलग होता है और मौजूदा हादसे में इनमें से किसी पहलू की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले जनवरी 2026 में मिनीबस टैक्सियों से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 14 बच्चे शामिल थे। ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा और लंबी दूरी के मार्गों पर यातायात नियमों के पालन का मुद्दा सामने ला दिया है।

कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में हुआ था हादसा

ली-गामका के निकट शुक्रवार को भी एक अलग सड़क दुर्घटना हुई थी। उसमें एक मिनीबस टैक्सी और छोटे मालवाहक वाहन की आमने-सामने टक्कर के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हुए थे। रविवार देर रात हुआ 21 लोगों की मौत वाला हादसा इससे अलग घटना है।

लगातार दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने एन-1 हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर अतिरिक्त निगरानी, गति नियंत्रण और रात के समय यातायात जांच बढ़ाने की मांग की है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से निर्धारित गति का पालन करने, लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम लेने और जोखिमपूर्ण ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है।

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