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Honda की नई बाइक टेक्नोलॉजी में 10 फीचर्स, जानें पूरी डिटेल

nidhi
6 Nov 2026 9:08 AM IST
Honda की नई बाइक टेक्नोलॉजी में 10 फीचर्स, जानें पूरी डिटेल
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Honda ने पेश की नई तकनीक
ऑटो डेस्क: जापानी वाहन निर्माता कंपनी Honda ने मोटरसाइकिलों की सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। कंपनी ने इटली के मिलान में आयोजित EICMA 2026 मोटरसाइकिल शो में अपनी नई एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस टेक्नोलॉजी पेश की है। इसे Honda SENSING RIDE नाम दिया गया है। इस तकनीक में कुल 10 एडवांस फीचर्स शामिल हैं, जो राइडर्स को आसपास चलने वाले वाहनों की जानकारी देने, संभावित टक्कर के खतरे से आगाह करने और जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगाने में सहायता कर सकते हैं। नई तकनीक का इस्तेमाल सबसे पहले 2027 मॉडल ईयर की Honda CRF1150L Africa Twin Adventure Sports मोटरसाइकिल में किया जाएगा। इसके बाद कंपनी चरणबद्ध तरीके से अन्य मॉडलों में भी इस सिस्टम को उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
Honda SENSING RIDE में मोटरसाइकिल के आगे और पीछे मिलिमीटर-वेव रडार का इस्तेमाल किया गया है। ये सेंसर आसपास के वाहनों की स्थिति और दूरी की जानकारी जुटाते हैं। इसके आधार पर सिस्टम राइडर को जरूरी चेतावनी और सहायता उपलब्ध कराता है।
कंपनी ने इस सिस्टम में कुल 10 फीचर्स देने की जानकारी दी है।
1. एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल (ACC)
यह फीचर मोटरसाइकिल की निर्धारित गति बनाए रखने और आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाए रखने में मदद करता है। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बार-बार गति नियंत्रित करने की जरूरत कम हो सकती है।
2. ACC विद स्टॉप एंड गो
ट्रैफिक जाम जैसी परिस्थितियों में यह तकनीक वाहन की गति कम करने और जरूरत के अनुसार दोबारा आगे बढ़ने में सहायता करती है। इसका उद्देश्य बार-बार एक्सेलरेटर और ब्रेक इस्तेमाल करने की जरूरत घटाना है।
3. ग्रुप राइड असिस्ट
दोस्तों या अन्य राइडर्स के साथ समूह में यात्रा करते समय यह फीचर आगे चल रही मोटरसाइकिल से उपयुक्त दूरी बनाए रखने में सहायता करता है।
4. डिस्टेंस असिस्ट
जब राइडर एक्सेलरेटर इस्तेमाल करते हुए आगे चल रहे वाहन के करीब पहुंचता है, तो यह सिस्टम वाहनों के बीच की दूरी नियंत्रित करने में मदद करता है।
5. इमरजेंसी ब्रेक असिस्ट
आगे किसी वाहन से टक्कर का खतरा होने पर, राइडर के ब्रेक लगाने की स्थिति में यह फीचर अतिरिक्त ब्रेकिंग सहायता उपलब्ध करा सकता है। यह पूरी तरह स्वचालित इमरजेंसी ब्रेकिंग का दावा नहीं है।
6. फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग
यह फीचर आगे चल रहे वाहन से संभावित टक्कर का खतरा पहचानने पर मोटरसाइकिल के इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले पर चेतावनी दिखाता है।
7. ब्रेक पल्स
यह तकनीक फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग के साथ मिलकर राइडर का ध्यान संभावित खतरे की ओर आकर्षित करने के लिए अतिरिक्त संकेत देती है।
8. ब्लाइंड स्पॉट इन्फॉर्मेशन
मोटरसाइकिल के पीछे तिरछी दिशा में मौजूद ऐसे वाहन, जो आसानी से दिखाई नहीं देते, उनके बारे में यह फीचर राइडर को अलर्ट करता है। चेतावनी साइड मिरर पर लगे इंडिकेटर के माध्यम से मिलती है।
9. रियर कोलिजन वार्निंग
पीछे से टक्कर का खतरा होने पर यह सिस्टम मोटरसाइकिल के इंडिकेटर फ्लैश करके पीछे आ रहे वाहन चालक को सचेत करने में मदद करता है।
10. रियर डिस्टेंस इन्फॉर्मेशन
यह फीचर पीछे से करीब आ रहे वाहन की जानकारी मोटरसाइकिल के डिस्प्ले पर दिखाता है, जिससे राइडर आसपास की स्थिति के प्रति अधिक सतर्क रह सकता है।
Honda का कहना है कि नई तकनीक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना और राइडर पर पड़ने वाला दबाव कम करना है। कंपनी ने दुनिया भर में अपने दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जुड़ी यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की दर को 2030 तक, वर्ष 2020 के मुकाबले 50 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि ADAS तकनीक राइडर की सहायता के लिए विकसित की गई है। यह सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट, यातायात नियमों और चालक की सतर्कता का विकल्प नहीं है।
फिलहाल कंपनी ने भारत में Honda SENSING RIDE से लैस मोटरसाइकिलों की लॉन्च तारीख या कीमत की घोषणा नहीं की है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Honda अपनी इस तकनीक को कितने मॉडलों तक पहुंचाती है।
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