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LEH लेह: जिले में आयोजित ड्रग्स जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक (SSP) श्रीराम राघवन ने कहा कि अगर अभी इस तरह के कार्यक्रमों की शुरुआत की जाए, लोगों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए और वर्तमान में नशे की गिरफ्त में लोगों को पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत सहायता दी जाए, तो इस समस्या को इस वर्ष के अंत तक पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। एसएसपी राघवन ने बताया कि यह अभियान विशेष रूप से युवा पीढ़ी को ड्रग्स के दुष्परिणामों के बारे में शिक्षित करने और नशे की लत के खिलाफ उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों—खासकर स्कूल और कॉलेज के छात्रों—को इस अभियान से जोड़ना महत्वपूर्ण है, ताकि नशे का प्रभाव कम किया जा सके और युवाओं में सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सके।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अभियान में स्थानीय पुलिस टीम, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इनमें जागरूकता सत्र, पैनल चर्चा, प्रशिक्षण कार्यशालाएँ और पुनर्वास केंद्रों के बारे में जानकारी देना शामिल था। अभियान का लक्ष्य लोगों को यह समझाना है कि नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा है। SSP राघवन ने कहा, “यदि हम समय रहते इस समस्या का समाधान शुरू कर दें, तो न केवल वर्तमान में नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को मदद मिल सकती है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को भी नशे से बचाया जा सकता है। हमारा लक्ष्य है कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पूरे जिले को नशा मुक्त बनाया जाए।”
उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और अभिभावकों की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों और किशोरों के साथ संवाद करें और उन्हें नशे के खतरों के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा, उन्होंने युवाओं को नशे के विकल्पों के रूप में खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और शिक्षा में सक्रिय भागीदारी की ओर प्रेरित किया। एसएसपी ने यह भी बताया कि सरकार पुनर्वास केंद्रों और चिकित्सा सहायता सुविधाओं के माध्यम से नशे की लत में फंसे लोगों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन या सप्ताह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे वर्ष चलने वाले कार्यक्रमों और नियमित सत्रों के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित होगा। लेह जिले में इस जागरूकता अभियान ने स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की है। कई परिवारों और युवाओं ने नशे के खिलाफ इस पहल का स्वागत किया और समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अभियान के माध्यम से लेह पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय आधारित शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक जागरूकता के प्रयासों से ही संभव है।
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