नोएडा: सोशल मीडिया पर एक कैब यात्री की दरियादिली से जुड़ा मामला लोगों का ध्यान खींच रहा है। नोएडा के एक व्यक्ति ने लखनऊ की यात्रा के दौरान अपने कैब ड्राइवर को बेहद थका हुआ महसूस करने के बाद उसे आराम करने का मौका दिया और कथित तौर पर खुद कार का स्टीयरिंग संभाल लिया। इस दौरान ड्राइवर पीछे की सीट पर सो गया। घटना से जुड़ी पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स यात्री के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—'आपका दिल बहुत अच्छा है।'
सामने आए विवरण के मुताबिक, लंबी यात्रा के दौरान यात्री ने महसूस किया कि कैब चालक थक चुका है और उसे नींद आ रही है। सड़क पर थकान की स्थिति में वाहन चलाना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में यात्री ने चालक को आराम करने के लिए कहा।
पीछे की सीट पर सो गया ड्राइवर
इसके बाद कैब चालक पीछे की सीट पर जाकर आराम करने लगा, जबकि यात्री ने गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी संभाल ली। सोशल मीडिया पर साझा तस्वीर में चालक को पीछे की सीट पर सोते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया है।
इस कहानी ने लोगों का ध्यान इसलिए भी खींचा क्योंकि आम तौर पर कैब बुक करने वाला यात्री चालक से सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचाने की उम्मीद करता है। यहां स्थिति उलट गई और यात्री ने कथित तौर पर चालक की थकान को देखते हुए उसकी मदद करने का फैसला किया।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
घटना से जुड़ी पोस्ट वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने यात्री की संवेदनशीलता की तारीफ की। कुछ यूजर्स ने इसे इंसानियत की मिसाल बताया तो कई लोगों ने कहा कि किसी व्यक्ति की परेशानी को समझना और जरूरत के समय उसकी मदद करना सराहनीय है।
वहीं कुछ यूजर्स ने सड़क सुरक्षा से जुड़ा पहलू भी उठाया। उनका कहना था कि लंबे समय तक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लिए पर्याप्त आराम बेहद जरूरी है। थकान या नींद महसूस होने पर वाहन चलाना चालक के साथ यात्रियों और सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।
थकान में ड्राइविंग बन सकती है खतरा
लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइवर को नींद आने लगे तो सबसे सुरक्षित विकल्प वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर पर्याप्त आराम करना है। किसी दूसरे व्यक्ति को वाहन चलाने देने से पहले उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने और वाहन तथा कैब सेवा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
इस वायरल घटना की चर्चा इंसानियत के कारण हो रही है, लेकिन इसे सड़क सुरक्षा के नजरिए से भी देखने की जरूरत है। थकान महसूस होने पर यात्रा को कुछ समय के लिए रोकना जल्दबाजी में आगे बढ़ने से कहीं बेहतर विकल्प है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर नोएडा के इस यात्री की खूब तारीफ हो रही है। हालांकि वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावों और घटना के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसके बावजूद कहानी ने लोगों के बीच एक संदेश जरूर छोड़ा है कि सड़क पर सुरक्षा और दूसरे व्यक्ति की स्थिति को समझना दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।
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