नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर आपने खूबसूरती निखारने के लिए मेकअप, फिल्टर और कॉस्मेटिक सर्जरी से जुड़ी कई कहानियां देखी होंगी, लेकिन ब्रिटेन की जेन हाइडमैन की कहानी इन सबसे बिल्कुल अलग है. जेन के पास एक नहीं, बल्कि 10 से ज्यादा नकली नाकों का कलेक्शन है. हैरानी की बात यह है कि वह इन्हें न तो सर्जरी से लगवाती हैं और न ही किसी गोंद का इस्तेमाल करती हैं. वह सिर्फ मैग्नेट की मदद से अपनी नाक को चेहरे पर फिट कर लेती हैं. हर नकली नाक का डिजाइन और रंग अलग है, इसलिए जेन अपने मूड, कपड़ों और मौके के हिसाब से अपना लुक बदल सकती हैं. लेकिन यह अनोखा शौक सिर्फ खूबसूरत दिखने के लिए नहीं है. इसके पीछे जेन की जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जिसने उनकी शक्ल और आत्मविश्वास दोनों को बदलकर रख दिया.
एक बीमारी की वजह से जेन की नाक की बनावट धीरे-धीरे बदलने लगी और वह बैठती चली गई. हालत इतनी मुश्किल हो गई कि उन्हें लोगों के सामने जाने और घर से बाहर निकलने में भी झिझक महसूस होने लगी. इसके बाद उन्होंने अपनी परेशानी को छिपाने के बजाय उसे स्वीकार करने का एक अनोखा तरीका खोज निकाला. मैग्नेट वाली इन नकली नाकों ने न सिर्फ उन्हें अपना लुक बदलने का विकल्प दिया, बल्कि दोबारा आत्मविश्वास के साथ लोगों के बीच आने का हौसला भी दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, जेन की नाक एक दुर्लभ बीमारी रेयर ऑटोइम्यून कंडीशन की वजह से धीरे-धीरे बैठ गई. बीमारी का असर सिर्फ उनकी नाक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय के साथ उनके चेहरे की बनावट भी बदलने लगी. इस स्थिति का जेन की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा. बताया जाता है कि बीमारी बढ़ने के बाद वह करीब 18 महीने तक घर से बाहर नहीं निकल सकीं. उनके लिए लोगों के सामने जाना और सामान्य जिंदगी जीना बेहद मुश्किल हो गया था. डॉक्टरों ने उनकी मदद के लिए शुरुआत में एक ऐसी प्रोस्थेटिक नाक तैयार की, जिसे चेहरे पर लगाया जा सकता था. लेकिन बीमारी के बढ़ने के साथ चेहरे की बनावट में बदलाव आता गया. ऐसे में पहले वाली प्रोस्थेटिक नाक उनके चेहरे पर ठीक तरह से फिट नहीं बैठती थी.
इसके बाद जेन के लिए एक अलग तरह की प्रोस्थेटिक नाक तैयार करने का तरीका अपनाया गया. डॉक्टरों ने उनके चेहरे की हड्डी में छोटे-छोटे इम्प्लांट लगाए. इन इम्प्लांट के ऊपर चुंबकीय सिस्टम लगाया गया, जिससे प्रोस्थेटिक नाक को चेहरे पर आसानी से लगाया और हटाया जा सके. यही वजह है कि आज जेन के पास 10 से ज्यादा अलग-अलग नाक हैं. वह जरूरत और मौके के हिसाब से अपनी पसंद की नाक चुनती हैं. किसी का रंग और शेप अलग है, तो किसी को खास मौके के लिए तैयार किया गया है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन्हें चेहरे पर लगाने के लिए किसी तरह की सर्जरी या चिपकाने वाले पदार्थ की जरूरत नहीं पड़ती. जेन इन्हें चुंबक की मदद से खुद अपने चेहरे पर लगा सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उतार भी सकती हैं.
कभी बीमारी और अपने चेहरे में आए बदलाव की वजह से घर से बाहर निकलने में झिझकने वाली जेन अब अपनी जिंदगी के बारे में खुलकर बात करती हैं. वह सोशल मीडिया पर प्रोस्थेटिक नाक के बारे में वीडियो और तस्वीरें भी शेयर करती हैं. उनका मकसद सिर्फ अपनी कहानी बताना नहीं, बल्कि उन लोगों को हिम्मत देना भी है जो किसी बीमारी, चोट या दूसरी वजह से अपने शरीर में आए बदलाव को लेकर परेशान रहते हैं. जेन की कहानी यह दिखाती है कि जिंदगी में मुश्किल हालात आने के बाद भी इंसान अपनी जिंदगी को नए तरीके से जी सकता है.
कभी बीमारी की वजह से वह लोगों के सामने आने से बचती थीं, लेकिन आज वही महिला अपनी अलग-अलग चुंबक वाली नाक के साथ सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ रही हैं. उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ एक प्रोस्थेटिक नाक की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने और अपनी पहचान को स्वीकार करने की कहानी है.
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