US से अफगानिस्तान के खिलाफ ये कौन सी डील कर रहा पाकिस्तान? घर में घिरा तो देनी पड़ गई सफाई
पाकिस्तान ने शनिवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उसने तालिबान शासित अफगानिस्तान में खुफिया अभियानों के लिए अमेरिका को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने देने संबंधी एक डील की है।
फाइल फोटो
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पाकिस्तान ने शनिवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उसने तालिबान शासित अफगानिस्तान में खुफिया अभियानों के लिए अमेरिका को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने देने संबंधी एक डील की है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस संबंध में बयान जारी किया है। बता दें कि सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने को लेकर एक औपचारिक समझौता करने वाला है।
पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने इस रिपोर्ट को खारिज करने के लिए बयान जारी किया है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हो रहा है। हालांकि, बयान में यह जरूर कहा गया है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और आंतक-रोधी अभियानों को लेकर लंबे समय से सहयोग जारी है और दोनों पक्षों के बीच इसको लेकर लगातार बातचीत होती रहती है।
सीएनएन ने तीन सूत्रों के हवाले से यह दावा किया था कि अमेरिका जल्द ही अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के लिए पाकिस्तान के साथ उसके वायुक्षेत्र के इस्तेमाल को लेकर समझौता करने जा रहा है।
पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों ने इस रिपोर्ट पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या वाकई अपने वायुक्षेत्र का इस्तेमाल अमेरिका की सेना को करने की मंजूरी दे दी गई है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू के दौरान यह स्पष्ट तौर पर कहा था कि इस्लामाबाद किसी भी देश को अपने क्षेत्र का इस्तेमाल अफगानिस्तान में कार्रवाई के लिए सैन्य बेस बनाने के लिए नहीं करने देगा।
बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान पर अमेरिकी सेना की वापसी से दो हफ्ते पहले यानी 15 अगस्त को अपना कब्जा कर लिया था। अमेरिकी सेना ने करीब 20 साल तक जंग लड़ने के बाद 31 अगस्त को अफगानिस्तान से वापसी की थी।