Operation Brahma के तहत क्या-क्या भेज भारत ने

Update: 2025-03-30 07:13 GMT

वर्ल्ड | म्यांमार में आए भीषण भूकंप ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक 1,644 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस संकट की घड़ी में भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत बड़ी मात्रा में राहत सामग्री और बचाव दल भेजे हैं।

भारत ने क्या-क्या भेजा?

भारत ने म्यांमार को मदद पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीम, पैरा-फील्ड एंबुलेंस, और भोजन व कंबल सहित कई जरूरी चीजें भेजी हैं। राहत अभियान की प्रमुख बातें—

NDRF की तैनाती: भारत ने नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की विशेष टीमों को म्यांमार भेजा है, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने और राहत कार्यों को संभालने में जुटी हैं।

पैरा-फील्ड एंबुलेंस: गंभीर रूप से घायलों के लिए मेडिकल सहायता देने के उद्देश्य से पैरा-फील्ड एंबुलेंस भेजी गई हैं। ये एंबुलेंस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और मोबाइल अस्पताल की तरह काम कर सकती हैं।

खाद्य सामग्री और पानी: भूकंप के बाद भोजन और पीने के पानी की भारी किल्लत को देखते हुए भारत ने राशन, रेडी-टू-ईट फूड पैकेट और साफ पानी की व्यवस्था की है।

कंबल और टेंट: बेघर हुए हजारों लोगों के लिए कंबल और अस्थायी टेंट भेजे गए हैं ताकि वे ठंड और बारिश से बच सकें।

राहत अभियान में भारत की भूमिका

भारत हमेशा 'पड़ोसी प्रथम नीति' (Neighbourhood First Policy) के तहत प्राकृतिक आपदाओं में मदद करता आया है। म्यांमार को दी गई यह सहायता न केवल भारत-म्यांमार संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि यह भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) नीति को भी दर्शाती है।

म्यांमार में हालात कितने गंभीर?

भूकंप के चलते हजारों इमारतें ढह गईं और कई इलाके बिजली-पानी की सुविधा से पूरी तरह कट चुके हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और राहत शिविरों में रहने वालों की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है।

निष्कर्ष

भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री, बचाव दल और मेडिकल सुविधाएं म्यांमार में जान बचाने और हालात सुधारने में अहम भूमिका निभा रही हैं। यह न केवल एक मानवीय सहायता अभियान है, बल्कि भारत की वैश्विक जिम्मेदारी निभाने की छवि को भी मजबूत करता है।

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